देखिए बोर्ड एग्जाम से कैसे हुई पढ़ाई चौपट, स्टूडेंट्स को नहीं है कोई पढ़ाने वाला

ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य चौपट हो रहा है।

By: raktim tiwari

Published: 13 Mar 2018, 09:27 AM IST

बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाएं शहरी क्षेत्र स्थित परीक्षा केन्द्रों के प्रति अधिक लालायित रहते हैं। इस बार भी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के लिए ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों से सैकड़ों शिक्षकों को शहरी परीक्षा केन्द्रों पर लगाया गया है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य चौपट हो रहा है।

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर की ओर से आयोजित बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के लिए जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक की ओर से परीक्षा केन्द्रों पर शिक्षक-शिक्षिकाओं की वीक्षक के लिए ड्यूटी लगाई गई है, मगर इनमें से कुछ तो हर वर्ष दबाव व एप्रोच/ मिलीभगत से शहरी केन्द्रों पर ड्यूटी दे रहे हैं।

ये वे शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं जो शहर में ही निवास करते हैं। शिक्षा विभाग की ओर से शहरी सीमा से 15 किमी के दायरे के विद्यालयों के शिक्षकों की ही शहर में ड्यूटी लगाई गई है, मगर कई विद्यालय ऐसे हैं जो 20 किमी से भी दूर हैं। वहीं दसवीं बोर्ड परीक्षा 15 मार्च से शुरू हो रही है इसके लिए भी ड्यूटी लगाई जा रही है।

ये हैं 20 किमी से दूर के गांव/विद्यालय

नदी प्रथम द्वितीय, डोडियाना, नवाब, रामपुरा, कायमपुरा, बलवंता, सहित कई गांव हैं जिनकी 15 किमी से अधिक दूरी है। यहां के भी शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाई गई है।

इन कक्षाओं का शिक्षण कार्य प्रभावित

सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6, 7, 9 एवं 11वीं में पढऩे वाले विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य इन दिनों प्रभावित है। कुछ जगह तो इन कक्षाओं में शिक्षण चौपट हो गया है। जहां परीक्षा केन्द्र हैं वहां तीन घंटे ही शिक्षण कार्य हो रहा है, और वे शिक्षक-शिक्षिका ड्यूटी दे रहे हैं जिनकी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी नहीं है। मगर इनकी संख्या बहुत कम है।

इतने शिक्षकों की लगाई ड्यूटी

बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के लिए जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक की ओर से पांच आदेश निकाले गए। इनमें 307 शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी वीक्षक के रूप में लगाई गई है। इसके अलावा सीएस के तहत अन्य शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। दसवीं बोर्ड की ड्यूटी का काम जारी है।

शहरी विद्यालय से एक साथ 4 की ड्यूटी
शहर के राजकीय सुभाष मावि गंज से 4 शिक्षक-शिक्षिकाओं की बारहवीं बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाई गई है। उधर ग्रामीण क्षेत्रों से कहीं दो तो कहीं तीन-तीन की ड्यूटी लगी है।

शिक्षिकाओं की ओर से डीईओ कार्यालय में एप्रोच से शहरी केन्द्रों पर ड्यूटी लगवा ली गई है। इससे हमारी बालिकाओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इनकी ड्यूटी गांव के परीक्षा केन्द्र पर ही लगनी चाहिए थी।

-अतीक खान, अभिभावक गगवाना
निर्धारित सीमा 15 किमी के दायरे वाली ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के शिक्षकों की ही ड्यूटी शहरी परीक्षा केन्द्र में लगनी चाहिए। कई शिक्षकों की ड्यूटी इससे अधिक दूरी वाले विद्यालयों से भी लगाई गई है जो गलत है। समान रूप से सभी विद्यालयों से एक-एक की ड्यूटी लगाई जा सकती थी।

-रेवत सिंह राठौड़, जिलाध्यक्ष रा.शि.सं. सियाराम
शहर के निजी विद्यालयों में सरकारी शिक्षक-शिक्षिकाओं की ही ड्यूटी परीक्षा में लगाई गई है ताकि निष्पक्ष परीक्षा संपन्न हो सके। पारदर्शिता के साथ 15 किमी दूरी तक के शिक्षकों की ड्यटी लगाई है। बारहवीं में हिन्दी व अंग्रेजी विषय की परीक्षा में अधिक वीक्षण की आवश्यकता थी, कुछ रिलीव भी किए हैं।

-तेजपाल उपाध्याय, जिशिअ मा. प्रथम

raktim tiwari Reporting
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