Relax on Diwali: पटाखों पर रोक से राहत, दिवाली पर घटा 55 प्रतिशत वायु प्रदूषण

शहर में दोपहिया-चौपहिया वाहनों के दौडऩे से बना रहा प्रदूषण। पटाखे नहीं चलने से लोगों को मिली राहत।

By: raktim tiwari

Updated: 15 Nov 2020, 05:54 PM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पटाखे चलाने पर लगी रोक अजमेर के लिए फायदेमंद साबित हुई। इस बार दिवाली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण में 55 प्रतिशत की कमी आई। सांस-दमा और अन्य रोगियों काफी राहत मिली। हालांकि दोपहिया-चौपहिया वाहन दौडऩे से वायु प्रदूषण बरकरार रहा।

दिवाली पर लोग हर साल करोड़ों रुपए के सूतली बम, अनार, फुलझड़ी, रॉकेट और अन्य पटाखे चलाते हैं। इससे होने वाला वायु और ध्वनि प्रदूषण खतरनाक होता है। महालक्ष्मी पूजन और राम-राम को पटाखे चलाने से अजमेर में 82.5 से 90 प्रतिशत तक प्रदूषण होता रहा है। हवा में बारूद के पाउडर और कचरे की गंध घुली रहती है। लेकिन कोरोना संक्रमण इस बार शहर के लिए फायदेमंद साबित हुआ।

55 प्रतिशत कम रहा प्रदूषण
एनजीटी की सख्ती और कोरोना संक्रमण के चलते राज्य सरकार ने इस बार पटाखे चलाने-बेचने पर पाबंदी लगाई। इसका अजमेर सहित अन्य शहरों-कस्बों-गांवों में असर देखने को मिला। रोक के बावजूद दिवाली की रात 9 से 1 बजे तक कई लोगों ने पटाखे चलाए, पर इनकी तादाद 20 से 25 प्रतिशत ही रही। वायु प्रदूषण में पटाखों से निकलने वाले घातक धुएं की मात्रा 55 प्रतिशत तक कम रही। अजमेर में संभवत: बीते 10-15 साल में ऐसा पहली बार होगा जबकि दिवाली पर प्रदूषण कम हुआ है।

बीते साल के आंकड़े
राज्य प्रदूषण मंडल के आंकड़ों की मानें तो साल 2017 में दिवाली के दिन पटाखों और वाहन संचालन के चलते एयर क्वालिटी इंडेक्स 320 से 370 के आसपास था। 2018 में यह 400 तक पहुंच गया। 2019 में यह 390 तक रहा था। जबकि 2020 में 235 से 270 के आसपास दर्ज किया गया है।

लॉकडाउन रहा था फायदेमंद
25 मार्च से 18 मई तक देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान भी अजमेर का प्रदूषण कम रहा था। सिटी बस, ऑटो टैम्पो, कार-जीप और दोपहिया वाहन बंद रहे थे। ब्यावर, पीपलाज की पत्थर, सीमेंट फैक्ट्रियों और किशनगढ़ के मार्बल यूनिट में उत्पादन ठप था। इस दौरान एयर क्वालिटी इंडेक्स 45 से 50 प्रतिशत तक दर्ज किया गया था। जबकि जुलाई से 15 नवंबर तक वाहनों के सडक़ों पर संचालन से एयर क्वालिटी इंडेक्स बढकऱ 95 से 105 तक हो गया है।


ऐसे समझें एयर क्वालिटी इंडेक्स को

0-100:अच्छा यानि कोई दिक्त नहीं
101-200: मॉडरेट बाहर जाने से बचें
201-300: श्वसन संबंधित बीमारियों के मरीजों को तकलीफ
301-400: लंबे समय से बीमार रोगियों को दिक्कत
401-500: बाहर बिल्कुल नहीं निकलें

आम दिन में अजमेर के हाल...
निजी, सरकारी वाहन, ट्रक, सिटी बस, ऑटो, टेम्पो, दोपहिया वाहनों के संचालन से अजमेर भी प्रदूषित शहरों में शामिल हो रहा है। लॉकडाउन से पहले तक एयर क्वालिटी इंडेक्स 120 से 145 तक रहता है। यानि प्रदूषण के चलते बाहर निकलना घातक होता है। यहां धूल के कण और वाहनों-कारखानों से उत्सर्जित धुआं प्रदूषण के कारक हैं।

raktim tiwari Reporting
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