लक्ष्मी पूजन के लिए तैयार शहरवासी

जिले भर में शनिवार को दीपों का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान घर-घर में दीप सज्जा होगी और घरों में लक्ष्मी गणेश का पूजन होगा। लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देंगे। सोमवार को गोवर्धन की पूजा की जाएगी। इसके बाद अगले दिन भाईदूज मनाई जाएगी। लोगों ने दीपोत्सव की पूरी तैयार कर ली है।

By: Dilip

Published: 13 Nov 2020, 11:51 PM IST

धौलपुर. जिले भर में शनिवार को दीपों का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान घर-घर में दीप सज्जा होगी और घरों में लक्ष्मी गणेश का पूजन होगा। लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देंगे। सोमवार को गोवर्धन की पूजा की जाएगी। इसके बाद अगले दिन भाईदूज मनाई जाएगी। लोगों ने दीपोत्सव की पूरी तैयार कर ली है। शुक्रवार को दिन भर बाजार में भीड़ रही। लोगों ने लक्ष्मी-गणेश का पाना तथा मूर्तियां खरीदी। साथ ही सजावट के लिए पोस्टर आदि खरीदे।

शहर के धार्मिक स्थल भी सजे

शहर के राम-जानकी मंदिर, मचकुण्ड सरोवर स्थित मदनमोहन जी, महामाया मंदिर, जगन्नाथ जी, लाडली जगमोहनजी, मुचकुंद, रामजानकी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, कालीमाई मंदिर, महाकाली मंदिर, झोर वाली माता, वैष्णो माता, नृसिंह मंदिर, छावनी स्थित सहित अन्य मंदिरों में लाइट की झालरों, रंगीन बल्व व ट्यूब लाइटों से विशेष सजावट की गई।
माला-स्टीकर की मांग

बाजार में प्लास्टिक की फूल माला व अन्य तरह की मालाओं सहित पान की बिक्री भी परवान पर रही। दुकानदारों ने बताया कि माला ५० रुपए से २०० रुपए तक की वैरायटी में उपलब्ध है। वहीं खील -बतासे की दुकानों पर भी बाजार में भीड़ रही। लोगों ने जमकर खरीददारी की।इस बार नहीं सजी पटाखों की दुकान कोरोना के चलते राज्य सरकार की रोक होने के कारण इस बार जिले भर में पटाखों की दुकान नहीं सजाई गई। दीपावली पर हर घर में आतिशबाजी किए जाने की परंपरा सी बनी हुई है। लेकिन इस बार पटाखा बिक्री नहीं होने के कारण बच्चे मायूस दिखाई दे रहे हैं।
शहर में जमकर हुई पशुधन सजावट बिक्री दीपावली पर लोग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित अपने वाहनों व पशुधन की भी पूजा करते हैं। इसके लिए आवासीय व व्यावसायिक परिसरों के अलावा वाहनों व पशुधन की भी सजावट की जाती है। शहर में जहां लोग रविवार को दीपावली पूजन के लिए अपने घरों व दुकानों की रंगाई-पुताई व सजावट को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हंै वहीं बाजार में वाहनों व पशुधन की सजावट के लिए भी अनेक प्रकार की सामग्री उपलब्ध हैं। दुकानों पर पशुधन के लिए मालाएं, गले में बांधने वाली घंटियां तथा पैरों में बांधने वाले घुंघरू सहित माथे पर लगाने वाली मोर पंख भी उपलब्ध हैं। इसी प्रकार शहर के वाहन धुलाई सेंटरों पर शनिवार को सुबह से ही लम्बी लाइन लगी रही। वाहन चालकों को अपनी बारी आने के लिए कई घंटों तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। लोग सुबह से ही वाहनों को सजाने में जुटे हुए थे।

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