RPSC: थोड़ी देर में शुरू होगी अभ्यर्थियों की काउंसलिंग

विस्तृत आवेदन पत्र को लेकर आवश्यक निर्देश, काउंसलिंग पत्र और अन्य जानकारी आयोग की वेबसाइट पर जारी की गई है।

By: raktim tiwari

Updated: 08 Mar 2021, 09:28 AM IST

अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग के तत्वावधान में प्राध्यापक संस्कृत शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2018 के तहत सामान्य व्याकरण के पदों के तहत अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कुछ देर में शुरू होगी।

सचिव शुभम चौधरी ने बताया कि प्राध्यापक संस्कृत शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2018 के तहत सामान्य व्याकरण के पदों के लिए पूर्व में जारी विचारित सूची में अनुपस्थित/अपात्र रहे अभ्यर्थियों के विरुद्ध 18 फरवरी को अतिरिक्त विचारित सूची जारी की गई थी। इस विचारित सूची में शामिल 56 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी।, विस्तृत आवेदन पत्र को लेकर आवश्यक निर्देश, काउंसलिंग पत्र और अन्य जानकारी आयोग की वेबसाइट पर जारी की गई है।

महिलाएं बखूबी संभाल रहीं ऑफिस और इंस्टीट्यूट

रक्तिम तिवारी/अजमेर. कभी पुरुषों के एकाधिकार वाले अजमेर के सरकारी संस्थानों और कार्यालय में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। सर्वोच्च पद से लेकर स्टाफ तक महिलाओं का वर्चस्व दिखता है। महिलाएं ना केवल संस्थानों की कमान बखूबी संभाले हुए बल्कि प्रशासनिक-शैक्षिक निर्णयों में भी अव्वल हैं। वे कुशलता से नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं।

एसपीसी-जीसीए
1836 में स्थापित एसपीसी-जीसीए में वर्ष 1955 के बाद छात्राओं और महिला शिक्षकों की संख्या बढ़ी। वर्ष 2000 तक कॉलेज में 2 हजार छात्राएं और 40-50 महिला शिक्षक थीं। वहीं पुरुष शिक्षक 150 और छात्रों की संख्या चार हजार थी। मौजूदा वक्त 176 शिक्षक हैं। इनमें असिसटेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर शामिल हैं। स्टाफ में 110 महिला शिक्षक और पुरुष महज 76 हैं। 188 साल में डॉ. प्रतिभा यादव दूसरी महिला हैं जो प्राचार्य पद तक पहुंची हैं।

बड़ल्या इंजीनियरिंग कॉलेज

1996-97 में स्थापित बड़ल्या इंजीनियरिंग कॉलेज में पिछले 24 साल से पुरुष ही प्राचार्य बन रहे थे। बीती फरवरी में तकनीकी शिक्षा विभाग ने डॉ. रेखा मेहरा को प्राचार्य पद सौंपा है। यहां 2500 से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत और 250 से ज्यादा शिक्षक, कर्मचारी कार्यरत हैं। डॉ. मेहरा प्रशासनिक और शैक्षिक कार्य को बखूबी संभाले हुए है।

संभागीय आयुक्त
मौजूदा संभागीय आयुक्त डॉ. वीणा प्रधान भी प्रशासनिक कार्य कुशलता से संभाल रही हैं। उनसे पहले यहां डॉ. अलका काला, किरण सोनी गुप्ता, डॉ. आरुषि मलिक अजमेर की संभागीय आयुक्त रह चुकी हैं। डॉ. प्रधान के अधीन अजमेर, नागौर, टोंक और भीलवाड़ा जिले आते हैं। वे चारों जिलों के कलक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों से समन्वयन के साथ कामकाज कर रही हैं।

raktim tiwari Reporting
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