RPSC Interview: पीआरओ केवल सरकारी पत्रकार या इसमें है कोई ग्लैमर....

जनसंपर्क अधिकारी भर्ती-2019 के साक्षात्कार गुरुवार को भी जारी हैं। कोरोना संक्रमण के कारण आयोग पूरी सतर्कता बरत रहा है।

By: raktim tiwari

Published: 12 Nov 2020, 09:35 AM IST

अजमेर.

पीआरओ की नौकरी में आपको ज्यादा आकर्षण लगता है..., यह पद केवल सरकारी पत्रकार तक सिमटा है या कोई ग्लैमर है ....ऐसी ही सवाल राजस्थान लोक आयोग में जनसंपर्क अधिकारी भर्ती-2019 के साक्षात्कार के दौरान पूछे गए। जनसंपर्क अधिकारी भर्ती-2019 के साक्षात्कार गुरुवार को भी जारी हैं।

कोरोना संक्रमण के कारण आयोग ने पूरी सतर्कता बरत रहा है। सिविल लाइंस थाना पुलिस का जाप्ता आयोग के समक्ष तैनात रहा। सिर्फ अभ्यर्थियों को ही आयोग परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों को फेस शील्ड दी गई है। मुख्य द्वार और अन्य स्थानों पर सेनेटाइजर रखवाने के अलावा थर्मल स्कैनर से प्रत्येक अभ्यर्थी का तापमान जांचा जा रहा है। मालूम हो कि 26 पदों के लिए 81 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का पात्र घोषित किया गया है।

अभ्यर्थियों से पूछे यह सवाल...
1-बतौर पीआरओ अभी आपने बिहार चुनाव कवरेज किया है। आपको तत्काल इंग्लिश बुलेटिन बनाना है।100 शब्दों में उसकी समीक्षा टीवी और अखबार के लिए क्या भेजेंगे?
2-आपने शिक्षक बनने के लिए बीएड किया है। टीचिंग छोड़कर पीआरओ क्यों बनना चाहते हैं? जनसंपर्क अधिकारी पद की नौकरी में आपको ऐसा क्या आकर्षण लगता है?
3-कोरोना और कोविड-19 में क्या फर्क है। आपको बेहद पिछड़े ग्रामीण इलाके में पीआरओ बना दें तो महामारी से निबटने के लिए क्या सुझाव देते, कैसे प्रचार-प्रसार करते?
4-गांवों में इंटरनेट सही नहीं चलता। आपको किसानों की नीतियों-कार्यक्रमों का गांवों में प्रचार करना है, क्या-क्या टूल्स काम में लेंगे?
5-प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विश्वसनीयता के क्या पैमाने हैं?

यह पूछे राज्य के जिलों से जुड़े सवाल...
-आप जोधपुर जिले के हैं, वहां से थार एक्सप्रेस पाकिस्तान जाती है। स्टेशन से सीमा तक कौन-कौन सी सुरक्षा जांच होती हैं, एजेंसियों की कार्यशैली कैसे रहती है?
-राजस्थान और गुजरात की महिला सशक्तिकरण योजना में क्या फर्क है। राजस्थानन के पीआरओ बतौर आपको उच्च स्तरीय कमेटी में शामिल करें तो किसकी योजना को बेहतर बताएंगे?
-सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के लिहाज से कौनसा जिला चुनना चाहेंगे और क्यों? आपको डूंगरपुर जैसा आदिवासी जिला आवंटित हो गया तो किस तरह परफॉरमेंस दिखाएंगे?
-ब्रिटिशराज में अजमेर, जयपुर, अलवर, माउन्ट आबू अंग्रेज अफसरों के खास शहर थे। वे बगैर पीआरओ कैसे सरकारी कामकाज करते थे?-जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा राजस्थान के बड़े शहरों में शामिल हैं, इनमें सरकारी योजनाओं की गति और पिछड़े आदिवासी इलाके के कामकाज को किस रूप में देखेंगे?
-ढूंढाड़, मेवाड़, मारवाड़, मत्स्य, मेरवाड़ा, जांगल प्रदेश क्या हैं। इनका आधुनिक राजस्थान में क्या महत्व है?
-एकीकरण से पहले और मौजूदा राजस्थान के स्वरूप को आपको कैसे देखते हैं। पीआरओ बनने के बाद आपको जिले का इतिहास लिखना पड़े तो कैसे लिखेंगे?

raktim tiwari Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned