RPSC: पुलिस को मिलेंगे एम.टेक और नेट डिग्रीधारक सब इंस्पेक्टर

कई अभ्यर्थियों का मल्टीनेशनल और अन्य कम्पनियों का आकर्षक पैकेज पर चयन हो चुका है। लेकिन सरकार नौकरी की चाहत में वे ऊंचे पैकेज छोडऩे को तैयार हैं।

By: raktim tiwari

Published: 24 Jul 2020, 07:04 AM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

राजस्थान पुलिस को इस बार एम.टेक/बी.टेक सहित अन्य डिग्रीधारक सब इंस्पेक्टर/प्लाटून कमांडर मिलेंगे। राजस्थान लोक सेवा आयोग में चल रहे साक्षात्कार में तकनीकी, मेडिकल और उच्च शिक्षा में सर्वोच्च डिग्रीधारक अभ्यर्थी शामिल हुए हैं। इनमें कई अभ्यर्थियों का मल्टीनेशनल और अन्य कम्पनियों का आकर्षक पैकेज पर चयन हो चुका है। लेकिन सरकार नौकरी की चाहत में वे ऊंचे पैकेज छोडऩे को तैयार हैं।

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने उपनिरीक्षक-प्लाटून कमांडर भर्ती के लिए साल 2016 में ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। इसमें उपनिरीक्षक (एपी) के 147, उपनिरीक्षक (आई.बी.) के 65 और प्लाटून कमांडर (आरएसी) के 114 और उप निरीक्षक एमबीसी के 4 पद (कुल 330) शामिल थे। पदों में बढ़ोतरी को लेकर 10 से 12 शुद्धिपत्र निकालने पड़े। तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आयोग ने 511 पदों के लिए 7 अक्टूबर 2018 को परीक्षा कराई।

मिलेंगे उच्च डिग्रीधारक उपनिरीक्षक
इन दिनों आयोग में उपनिरीक्षक-प्लाटून कमांडर भर्ती के साक्षात्कार जारी हैं। इनमें विभिन्न आईआईटी से एम.टेक, एनआईटी और इंजीनियरिंग कॉलेज से बी.टेक, केंद्रीय और राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों से पीएचडी, नेट डिग्री धारक अभ्यर्थी साक्षात्कार दे रहे हैं। कुछेक अभ्यर्थी मेडिकल डिग्रीधारक भी हैं।

सरकारी नौकरी पहली पसंद
एम.टेक, बी.टेक धारक अभ्यर्थियों का नामचीन मल्टीनेशनल और प्राइवेट कम्पनियों में प्लेसमेंट हो चुका है। कुछ को कैंपस प्लेसमेंट के बाद कॉल लेटर का इंतजार है। उन्हें आकर्षक पैकेज मिला है। लेकिन सरकारी नौकरी उनकी पहली पसंद है। लिहाजा उन्होंने सब इंस्पेक्टर/प्लाटून कमांडर बनने को तरजीह दी है। मालूम हो कि 511 पदों के लिए 1925 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है।

आईपीएस उच्च डिग्री में आगे
पुलिस में आईपीएस और आरपीएस अधिकारी शामिल होते हैं। मौजूदा वक्त कार्यरत कई आईपीएस डॉक्टर, इंजीनियर, कॉलेज लेक्चर रहे हैं। आरपीएस स्तर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वृत्ताधिकारी, थाना प्रभारी भी नेट/सेट, पीएचडी और अन्य डिग्रीधारक हैं। लेकिन आईपीएस की तुलना में इनकी संख्या कम है। सब इंस्पेक्टर/प्लाटून कमांडर स्तर की भर्ती में कई साल बाद मेडिकल, इंजीनियरिंग, नेट/सेट, पीएचडीधारक, बीएड-एमएमड अभ्यर्थी शामिल हुए हैं।

पुलिस को मिलेंगे ये फायदे
-तकनीकी डिग्रीधारक से पुलिस कम्यूनिकेशन सिस्टम को सहायता
-पुलिस के साइबर सेल/साइबर क्राइम ब्रांच होगी सुदृढ़
-सरदार पटेल पुलिस यूनिवर्सिटी को मिल सकेंगे नेट/सेट योग्यताधारी शिक्षक
-एमबीबीएस डिग्रीधारक अभ्यर्थियों से फॉरेंसिंक साइंस सेल होगी सुदृढ
-पुलिस का हैल्थ और कम्यूनिकेशन सिस्टम होगा मजबूत


सरकारी नौकरियों में उच्च डिग्री धारक अभ्यर्थियों का शामिल होना अच्छा संकेत है। यह शिक्षा के बढ़ते ग्राफ को दर्शाता है।
दीपक उप्रेती, अध्यक्ष राजस्थान लोक सेवा आयोग

raktim tiwari Reporting
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