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RPSC: परीक्षाओं में कमाई कम, महंगाई से खर्चे बढ़ गए ज्यादा

कोरोना संक्रमण के चलते सरकार-आयोग को करने पड़े ज्यादा इंतजाम ।अब साल 2022-23 में मिली भर्ती अभ्यर्थनाओं के आवेदनों से आय बढ़ने की उम्मीद है।

अजमेर

Published: June 11, 2022 05:36:46 pm

रक्तिम तिवारी.

बीते दो साल कोरोना संक्रमण ने देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य का प्रमुख भर्ती संस्थान राजस्थान लोक सेवा आयोग भी इससे अछूता नहीं रहा। दो साल आयोग को आवेदनों से कमाई कम हुई। जबकि अतिरिक्त परीक्षात्मक इंतजाम, डीजल-पेट्रोल के बढ़े दामों सहित अन्य खर्चे ज्यादा करने पड़े हैं। अब साल 2022-23 में मिली भर्ती अभ्यर्थनाओं के आवेदनों से आय बढ़ने की उम्मीद है।

rpsc recruitment exams
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राजस्थान लोक सेवा आयोग आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाओं सहित कॉलेज, चिकित्सा शिक्षा, कृषि, आयोजना विभाग, सांख्यिकी विभाग, फैक्ट्री एवं बॉयलर्स, तकनीकी शिक्षा, भूजल, माध्यमिक शिक्षा, फॉरेंसिक लैब, पुलिस, गृह विभाग सहित अन्य महकमों की भर्तियां करता है। इनके आवेदनों से मिलने वाली आय सरकार को प्राप्त होती है। वित्त विभाग आयोग को परीक्षात्मक खर्चों के अनुरूप राशि जारी करता है।

दो साल में कम हुई आय

आयोग को कार्मिक विभाग से साल 2019-20 और 2020-21 में सब इंस्पेक्टर, आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाओं सहित कॉलेज, चिकित्सा शिक्षा, कृषि, आयोजना विभाग, सांख्यिकी विभाग, फैक्ट्री एवं बॉयलर्स, तकनीकी शिक्षा, भूजल, माध्यमिक शिक्षा सहित कई भर्ती अभ्यर्थनाएं मिलीं। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते सरकार-आयोग को आर्थिक नुकसान ज्यादा हुआ है। आय महज 2221.83 लाख रुपए हुई।

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दो साल में 6685 लाख रुपए खर्च

कोरोना संक्रमण के चलते परीक्षा केंद्रों पर सेनेटाइजर, मास्क, सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग के चलते आयोग को ज्यादा खर्च करना पड़ा। साल 2019-20 और 2020-21 में सरकार और आयोग को आय से ज्यादा 6685.48 लाख रुपए परीक्षात्मक खर्चे करने पड़े हैं।

तीन साल में आय और व्यय

2018-19: 4546 -5212. 13

2019-20: 731.26- 2845.98

2020-21: 1490.57- 3839.50

2017-18 में सबसे कम आय, खर्च ज्यादा

आयोग को कार्मि विभाग से 2017 में सबसे कम भर्ती अभ्यर्थनाएं मिलीं। उस साल महज 20.97 लाख रुपए आय हुई। जबकि परीक्षात्मक खर्चे 3647.41 लाख रुपए हुए। यानि साल 2017-18 आयोग- सरकार के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ।

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11 साल पहले बराबर था मामला

आयोग-सरकार के लिए साल 2010-11 तक आय-व्यय का खर्च करीबन बराबरी पर था। भर्तियों के आवेदन की तुलना में खर्चे भी बराबर थे। तब 1618 लाख रुपए आय और 1746.98 लाख रुपए व्यय करना पड़ा था।

2022-23 में आय बढ़ने की उम्मीद

आयोग को साल 2022-23 में विभागवार करीब 20 हजार से ज्यादा पदों की भर्तियां मिली हैं। इनमें वरिष्ठ अध्यापकों में सर्वाधिक 12 लाख, प्राध्यापक भर्ती में करीब 5 लाख आवेदन मिले हैं। अन्य भर्तियों के आवेदन जारी हैं। इस बार सरकार-आयोग को आय बढ़ने की उम्मीद है।
यूं बढ़ते चले गए खर्चे

-पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन खर्च

-कोरोना संक्रमण के चलते सुरक्षात्मक इंतजाम

-विषय विशेषज्ञों के एयर-टैक्सी के बढ़े खर्चे

-परीक्षा केंद्र स्टाफ को देय वेतनमान-भत्ते
-पेपर-कॉपियों के प्रिंटिंग के खर्चे

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