राहों में उनकी उड़ती है धूल, जाने कब खिलेंगे राहत के फूल

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By: raktim tiwari

Published: 30 Dec 2018, 10:10 AM IST

अजमेर/मदनगंज-किशनगढ़.

सरकार और उसके महकमों का काम भगवान भरोसे है। लोग चाहें हजारों मांग करें लेकिन फैसला उनके मनमाफिक नहीं होता है। यह देखना है तो सांवतसर स्थित रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) को देख लें। इसक एक हिस्सा खोलने से क्षेत्रवासियों को थोड़ी राहत तो मिली है लेकिन आवागमन में परेशानी बरकरार है। आगे काम नहीं करने से धूल उडऩे की समस्या बढ़ गई है।

विरोध के बाद खोला आरयूबी

सांवतसर स्थित आरयूबी का एक हिस्सा हाल ही में क्षेत्रवासियों के विरोध के चलते खोला गया है। इसके बाद और कोई कामकाज नहीं किया गया है। इससे लोगों को आवागमन में थोड़ी राहत तो मिल गई है लेकिन परेशानी बरकरार है। आरयूबी के दोनों ओर काम अधूरा पड़ा है और लोगों को इस ओर से आना-जाना पड़ता है। वहीं रात में प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से अंधेरा रहता है। इससे भी समस्या बनी रहती है। आरयूबी का एक हिस्सा ही खोले जाने के कारण वाहन चालकों को रुक-रुककर निकलना पड़ता है, वहीं धूल उडऩे की समस्या भी पैदा हो गई है।

एक्सीडेंट का खतरा

एक हिस्से में ही वाहन चालकों और राहगीरों को निकलना पड़ता है। इससे राहगीरों को चोटिल होने का डर बना रहता है। वहीं आरयूबी के ऊपर डीएफसी के दोनो टै्रक बिछा दिए गए हैं अब यहां मशीनों का कामकाज शुरू हो गया है। इससे टै्रक के ऊपर से जाना भी मुश्किल हो गया है। क्षेत्रवासियों अजय सिंह, महावीर आदि का कहना है कि इसका काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिले। गौरतलब है कि सांवतसर फाटक पर पुराने रेलवे स्टेशन को बंद करने की प्रक्रिया के अंतर्गत गत वर्ष 14 दिसम्बर को इस फाटक को बंद कर दिया गया था।

राहत का इंतजार

यह आरयूबी नगरवासियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। साथ ही इस ओर से आस-पास के गांवों को जाने का रास्ता है। यहां आरयूबी पूरी तरह से खुल जाने से मार्बल एरिया, हाइवे सहित आस-पास के गांवों को जाने वाला मार्ग आसान हो जाएगा। इससे नगरवासियों सहित ग्रामीणों को भी काफी राहत मिलेगी।

raktim tiwari Reporting
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