अगर बन जाए अजमेर में साबरमती जैसा रिवर फ्रंट, यहां भी नजर आएंगे दुनिया भर से लोग

एस्केप चैनल का विकास किया जाए तो अजमेर पर्यटन के नक्शे पर उभर सकता है।

By: raktim tiwari

Published: 10 Feb 2018, 08:03 AM IST

शहर के बीच से निकल रहा आनासागर एस्केप चैनल को लाइफ लाइन बनाने का इंतजार है। साबरमती रिवर फ्रंट और जयपुर के अमानी शाह नाले की तर्ज पर एस्केप चैनल का विकास किया जाए तो अजमेर पर्यटन के नक्शे पर उभर सकता है। इस पर नौकायन, वॉकिंग ट्रेक, पार्क एवं अन्य सुविधाएं विकसित होंगी तो शहर को पहचान लिेगी।

अजमेर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत प्रोजेक्ट का काम किया जा रहे हैं। जिला कलक्टर गौरव गोयल ने पिछले साल टाटा कंसलटेंसी के अधिकारियों के साथ आनासागर एस्केप चैनल की विकास योजना पर चर्चा की थी। कलक्टर गोयल का मानना है, कि आनासागर एस्केप चैनल शहर के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। इस पर वॉक-वे, पार्क एवं अन्य विकास कार्य करवाए जा सकते हैं।

एस्केप चैनल झील से खानपुरा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक जाता है। इस दौरान कई बस्तियां, खाली जमीन, छोटे नाले एवं सड़कें हैं। स्मार्ट सिटी योजनान्तर्गत प्रोजेक्ट बनाकर इसका कायाकल्प कराया जाएगा। इस मामले में टाटा कंसलटेंसी के अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी एस्केप चैनल का मुआयना कर चुके हैं। उन्होंने आनासागर झील , एस्केप चैनल के रास्ते और प्रोजेक्ट पर चर्चा की, लेकिन तीन महीने से कामकाज शुरू नहीं हो पाया है।

बांडी नदी के मार्ग में अतिक्रमण
आनसागर झील में पानी आवक की प्रमुख स्त्रोत बांडी नदी है। इस नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण हो चुके हैं। कई जगह तो पानी आवक का मार्ग अवरुद्ध हो चुका है। राजस्थान पत्रिका के मुद्दा उठाने पर पिछले दिनों एडीए, जिला प्रशासन ने बांडी नर्दी के मार्ग का सर्वेक्षण शुरू कराया है। अधिकारियों को कई जगह मकान, अवैध अतिक्रमण मिले हैं।

यूं प्रसिद्ध है रिवर फ्रंट
साबरमती रिवर फ्रंट का निर्माण पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए कराया था। पहले साबरमती नदी में अहमदाबाद के सभी प्रमुख नालों का गंदा पानी पहुंचता था। इससे यह नदी प्रदूषित हो चुकी थी। मोदी ने योजनाबद्ध तरीके से यहां रिवर फ्रंट बनवाया। उन्होंने पानी आवक वाले मार्ग में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर पूरे शहर के नालों को उससे जोड़ा। इससे नदी में साफ पानी आना शुरू हो गया। पिछले चार-पांच साल से यहां अन्तर्राष्ट्रीय काइट फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है।

raktim tiwari Reporting
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