कोरोना का साया : खुंडियास बाबा रामदेव का सालाना मेला इस बार नहीं भरेगा

चार माह से मंदिर के भीतर श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित,मंदिर परिसर में पसरा सन्नाटा,भादव दूज का वार्षिक मेला इस बार नहीं भरेगा, तीन दशक में पहली बार ऐसा आया मौका

By: suresh bharti

Published: 06 Aug 2020, 12:44 AM IST

अजमेर/किशनगढ़. राजस्थान में छोटे रामदेवरा के नाम से प्रसिद्ध होशियावास-खुंडियावास स्थित बाबा रामदेव मंदिर पर इस बार सालाना मेला नहीं भर पाएगा। कोरोना के चलते मंदिर कमेटी ने यह निर्णय किया है। दूसरी ओर जिला कलक्टर, अजमेर की ओर से भी नोटिस जारी कर मेला आयोजन से मना किया है।

हर वर्ष यहां भादव दूज पर मेला भरता है। इसमें नागौर, अजमेर, जयपुर, टोंक, भीलवाड़ा, सवाईमाधोपुर, सीकर, बूंदी, कोटा, दौसा व करौली जिले सहित नई दिल्ली और मध्यप्रदेश के भी करीब दो लाख जातरू हाजिरी लगाते हैं।

भादव माह शुरू होते ही यहां पदयात्रियों का आना शुरू हो जाता है। इनमें दण्डवत करने वाले श्रद्धालु भी शामिल है। इन दिनों जयपुर-किशनगढ़, अरांई-मालपुरा-किशनगढ़ सडक़ मार्ग पर जातरुओं की रेलमपेल रहती थी। वह अब नजर नहीं आ रही।

चार माह से मंदिर परिसर में सन्नाटा

मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष राजाराम गोयल व मंत्री अणदाराम ने बताया कि कोरोना के चलते बीते चार माह से मंदिर परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है। मुख्य मंदिर के चैनल गेट पर ताला लगा रहा। कोरोना महामारी के चलते आमजन की सुरक्षा व सरकारी गाइड लाइन की पालना में ऐसा किया गया है।

बाबा रामदेव के सालाना मेले की इस बार किसी तरह की तैयारियां नहीं की गई है। मंदिर पुजारी रोजाना आरती व पूजा कर रहा है। यहां आने वाला श्रद्धालु मास्क लगाकर मंदिर के मुख्य द्वार पर ही मत्था टेक रहा है। यहां भीड़ के रूप में कोई जातरू नहीं आ रहा। सोशल डिस्टेसिंग की पालना की जा रही है। इस साल कोरोना महामारी का असर है।

कई प्रमुख धार्मिक आयोजनों की अनुमति नहीं

गोयल के अनुसार इस साल कैलादेवी का प्रसिद्ध मेला नहीं भरा। अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में सभी आयोजन बंद है। जायरीन नहीं आ रहे। पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर सूना है। राज्य सरकार ने डिग्गी कल्याण का मेला व पदयात्रा, गणेश चतुर्थी पर रणथम्भौर स्थित त्रिनैत्र गणेश मंदिर पर मेला,प्रमुख रामदेवरा मेला सहित प्रदेश के कई प्रमुख धार्मिक आयोजनों की अनुमति नहीं दी है। उसकी वजह कोरोना महामारी का बढ़ता प्रकोप है। इसके चलते हाशियावास-खुंडियास स्थित बाबा रामदेव का सालाना मेला भी इस बार नहीं भरेगा।

केवल ध्वजारोहण होगा

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष रामकरण सिमार के अनुसार भादव दूज पर केवल ध्वजारोहण किया जाएगा। बाबा की प्रतिमा पर पूजा होगी। किसी तरह की समारोह नहीं होगा। इस दौरान किसी तरह की भीड़ एकत्र नहीं होगी। भजन संध्या नहीं होगी। मंदिर कमेटी के उपाध्यक्ष रूपाराम गुर्जर व सदस्य गोपाल गुर्जर ने बताया कि पिछले तीन दशक में यह पहला मौका है जब खुंडियास बाबा रामदेव का मेला नहीं भरेगा। इस बार कोरोना ने धार्मिक आयोजनों पर पाबंदी सी लगा दी है।

suresh bharti Desk
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