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सिंधी समाज: पुरुषार्थ के साथ धर्म व समाज सेवा से भी सरोकार

चेटीचंड विशेष - अजमेर में कारोबार की रीढ़ है ङ्क्षसधी समुदाय -व्यावसायिक क्षेत्र में अग्रणी, धर्म-कर्म में भी नहीं पीछे

सिंधी समाज के ईष्टदेव झूलेलाल की जयंती पर होने वाले चेटीचंड महोत्सव को लेकर इस बार खासा उत्साह है। गत दो सालों के कोरोना के चलते चेटीचंड के जुलूस नहीं निकाले जा सके थे, मगर इस बार ऐसा नहीं है। दो साल के बाद इस बार निकाले जाने वाले जुलूस को लेकर शहर में उत्साह है।

अजमेर

Published: April 02, 2022 12:32:55 am

अजमेर.सिंधी समाज के ईष्टदेव झूलेलाल की जयंती पर होने वाले चेटीचंड महोत्सव को लेकर इस बार खासा उत्साह है। गत दो सालों के कोरोना के चलते चेटीचंड के जुलूस नहीं निकाले जा सके थे, मगर इस बार ऐसा नहीं है। दो साल के बाद इस बार निकाले जाने वाले जुलूस को लेकर शहर में उत्साह है।
इस बार चेटीचंड उत्सव हर साल की तरह केवल शोभायात्रा निकाले जाने तक सीमित नहीं रहकर नगर के भीतरी क्षेत्रों, गली-मोहल्लों तक पहुंच गया है। इसके लिए समाज की करीब 50 से अधिक संस्थाओं को दायित्व सौंपे गये। सिंधी संस्कति, देशभक्ति व अजमेर के विभिन्न क्षेत्रों में समुदाय के योगदान को भी दर्शाया गया। जिससे सामाजिक एकता के साथ युवा वर्ग भी प्रेरित हो सके। सिंधी संस्कार शिविर भी लगाए गए। जिससे युवा पीढ़ी को सिंधी भाषा बोलने व समाज के इतिहास और गौरव को जानने का अवसर मिल सके।
सिंधी समाज: पुरुषार्थ के साथ धर्म व समाज सेवा से भी सरोकार
सिंधी समाज: पुरुषार्थ के साथ धर्म व समाज सेवा से भी सरोकार
दिलीप शर्मा

अजमेर.ङ्क्षसधी समाज ने देश-विदेश में अपना लोहा मनवाया है। ङ्क्षसधी समाज ने जिस क्षेत्र में काम किया उसमें सफलता पाई। समाज के कई लोग गल्फ कंट्री यूएई,लंदन, जापान, यूरोप आदि देशों में आजीविका के लिए बस गए लेकिन वे अपनी मातृभूमि से आज भी शिद्दत से जुड़े हुए हैं। विदेशों में खासा धन अर्जित करने के बाद भी उन्होंने संतों व महापुरुषों के कहने मात्र से अपने शहर के लिए कुछ न कुछ दिया ही है। समुदाय के ऐसे ही भामाशाहों और धर्मप्रेमी लोगों ने धर्मशाला, चिकित्सालय, स्कूल आदि बनवा कर समाज को सौंपे हैं जो उनके इकबाल को बुलंद करते नजर आते हैं। शहर में बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य के लिये प्रकल्प चलाये जा रहे हैं।
स्वामी हिरदाराम की प्रेरणा

- जीव सेवा समिति ने अजमेर में 1993-95 में जब भीषण पेयजल संकट हुआ तब यहां 101 बोङ्क्षरग खुदवा कर उनमें सबमर्सिबल पंप लगवाए। वाटर स्टोरेज के लिए प्लास्टिक की टंकियां घरों में रखवाई। समिति के कार्य को समानांतर जलदाय विभाग के रूप में देखा जाने लगा।
- पांच बार विधायक व राजस्व मंत्री तथा विधानसभा उपाध्यक्ष रहे किशन मोटवानी की महत्वाकांक्षी बीसलपुर योजना से अजमेर में पेयजल का स्थायी समाधान हो सका।

- ऋषि गोधूमल ट्रस्ट पुष्कर में वर्ष पर्यंत चिकित्सा सेवा व नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन करता है। ।
- अजमेर के सिविल लाइन में दयाल वीणा अस्पताल लक्ष्मण दास पगारानी के परिवार की ओर से बनाया गया।जो ट्रस्टी जगदीश वच्छानी की देखरेख में संचालित है। चिकित्सालय में हाल ही करीब 40 लाख रुपए की नई मशीनें लगाई गई हैं ।
- खाड़ी देशों में व्यवसाय कर रहे लक्ष्मण दास पगारानी द्वारा आदर्श नगर में दीपमाला पगारानी चिकित्सालय बनाया गया जिसमें डायलिसिस सुविधा तक उपलब्ध करायी गयी है।

- सुधार सभा की ओर से आशा गंज में मयाणी चिकित्सालय।
-पारब्रह्म ट्रस्ट की ओर से वर्ष पर्यंत चिकित्सा शिविर व संत कंवरराम स्कूल का संचालन।

स्वामी टेऊंराम की प्रेरणा

- प्रेम प्रकाश आश्रम आदर्श नगर,चौरसियावास, दिल्ली गेट।

संत दांदूराम की प्रेरणा
- नगीना बाग - जतोई दरबार धार्मिक आस्था का केन्द्र

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फिर भी दिल है हिंदुस्तानी. . .
सिंधी समाज के कई व्यवसायी ऐसे हैं जो की दशकों से विदेश में रहकर कारोबार कर रहे हैं, लेकिन अपने शहर अजमेर से बिल्कुल भी दूर नहीं। एनआरआई होने के बावजूद खुद को अपने देश, शहर व समाज से जोड़े रखे हुए हैं।
-सुरेशलाल, लालचंदानी (जापान) - अजमेर में सांईबाबा मंदिर निर्माण। जापान में ’अजमेर रेस्टोरेंट’ का संचालन।

-सतगुरू टूर ट्रेवल्स ग्रुप - प्रकाश लालचंदानी - अजमेर में शिक्षण संस्था, होटल, रेजीडेंसी आदि का निर्माण। 75 देशों में टूर-ट्रेवल्स का कारोबार।
- जेपी कलवानी - देश के बच्चों को गल्फ कंट्री में रोजगार एजेंसी - अल सफीर ग्रुप के जरिए जरुरतमंद परिवारों के बच्चों को विदेशों में नौकरी।

स्थानीय उद्यमी

- बेकरी क्षेत्र में विजय बेकरी, डीलक्स, लक्ष्मी बेकरी, आजाद स्वीट््स। रेडिमेड की करीब एक हजार दुकानें व शोरूम।
- घर घर पापड़ मंगोड़ी, चिप्स आदि का निर्माण कर महिलाएं आत्मनिर्भर।

-फ्रूट व सब्जी मंडी, परचून आदि व्यापार में परचम।

लोग जुड़ते गये, कारवां बनता गया. .

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