scriptSmart city : no lights on elivated road, work in temporary light | एलिवेटेड रोड : दो साल से अंधेरे में सड़कें, निर्माण भी कामचलाऊ रोशनी में | Patrika News

एलिवेटेड रोड : दो साल से अंधेरे में सड़कें, निर्माण भी कामचलाऊ रोशनी में

रात को मुख्यमार्ग से निकलना मुश्किल, केसरगंज व आगरा गेट भुजा की सर्विस लेन भी क्षतिग्रस्त

 

अजमेर

Published: June 01, 2022 02:17:56 am

तरूण कश्यप.

अजमेर. शहर में स्मार्ट सिटी का काम जारी है। काम की आड़ में आमजन को हो रही परेशानी को दरकिनार किया जा रहा है। दो साल से स्टेशन रोड, कचहरी रोड व पीआर मार्ग का आधा हिस्सा अंधेरे में है। और तो और स्मार्ट सिटी का काम भी अंधेरे में काम चलाऊ रोशनी में किया जा रहा है।
एलिवेटेड रोड : दो साल से अंधेरे में सड़कें, निर्माण भी कामचलाऊ रोशनी में
एलिवेटेड रोड : दो साल से अंधेरे में सड़कें, निर्माण भी कामचलाऊ रोशनी में
शहर की तीनों ही प्रमुख सडक़ें पिछले दो साल से आसपास की दुकानों के होर्डिंग की रोशनी से रोशन हैं। पहले सडक़ों के बीच में विद्युत पोल लगे थे। एलीवेटेड रोड का काम शुरू होते ही सबसे पहले पोल हटाए गए। तभी से यह तीनों मार्ग अंधेरे में है।
दुर्घटना का अंदेशा

स्टेशन पर पूरी रात यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। स्टेशन के बाहर टैक्सी और अन्य वाहन खड़े रहते हैं। ऐसे में शाम होने के बाद इस रोड से संभलकर निकलना पड़ता है। बाटा तिराहे के पास ब्रिज की भुजा उतारी गई है। इसके दोनों और सर्विस लेन की चौड़ाई काफी कम है। केसरगंज की तरफ सर्विसलेन बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। यही हाल आगरा गेट की तरफ आ रही भुजा के दोनों ओर का है। दूरसंचार विभाग कार्यालय के पास सर्विस लेन बुरी हालत में है। ब्रिज की इस भुजा के लिए सडक़ के बीचों बीच आरसीसी का जाल बांधा जा रहा है। यह काम काफी लम्बे समय से अटका हुआ है।
वाहनों की लाइट ही सहारा

बाजार बंद होने के बाद इन रास्तों से निकलने के लिए खुद के वाहनों की रोशनी का ही सहारा है। गांधी भवन चौराहे पर रेलवे स्टेशन के सैकण्ड एंट्री गेट के अंदर लगी हाईमास्ट लाइट से थोड़ी बहुत रोशनी आ जाती है, अन्यथा स्टेशन से मार्टिंडल ब्रिज और पुरानी आरपीएससी की तरफ सड़कों पर पूरी तरह अंधेरा कायम है।हैलोजन से चला रहे काम
रात को ब्रिज के स्पान और गर्डर रखने का काम किया जा रहा है। जहां गर्डर रख दिए गए हैं वहां ब्रिज के ऊपर सडक़ बनाने का काम चल रहा है। जहां काम हो रहा है वहां जरूर रोशनी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, बाकी सारा काम अंधेरे में ही हो रहा है।
बीच सडक़ पड़ा सामान

राहगीरों के लिए बीच सड़क पड़ा एलीवेटेड रोड निर्माण का सामान एक बड़ा खतरा है। ना तो वहां रोशनी है और ना ही वहां कोई आड़ लगाई गई है जिससे कि लोग उस जगह से दूरी पर रहें। ऐसे में रात को इन रास्तों से निकलना खतरे से खाली नहीं है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Amravati Murder Case: उमेश कोल्हे की हत्या का मास्टरमाइंड नागपुर से गिरफ्तार, अब तक 7 आरोपी दबोचे गए, NIA ने भी दर्ज किया केसमोहम्‍मद जुबैर की जमानत याचिका हुई खारिज,दिल्ली की अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजाSharad Pawar Controversial Post: अभिनेत्री केतकी चितले ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- हिरासत के दौरान मेरे सीने पर मारा गया, छेड़खानी की गईIndian of the World: देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस को यूके पार्लियामेंट में मिला यह पुरस्कार, पीएम मोदी को सराहाGujarat Covid: गुजरात में 24 घंटे में मिले कोरोना के 580 नए मरीजयूपी के स्कूलों में हर 3 महीने में होगी परीक्षा, देखे क्या है तैयारीराज्यसभा में 31 फीसदी सांसद दागी, 87 फीसदी करोड़पतिकांग्रेस पार्टी ने जेपी नड्डा को BJP नेता द्वारा राहुल गांधी से जुड़ी वीडियो शेयर करने पर लिखी चिट्ठी, कहा - 'मांगे माफी, वरना करेंगे कानूनी कार्रवाई'
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.