दो कांस्टेबलों के हत्यारे रातभर जंगल में छिपते रहे, सुबह पुलिस को मिली एक संदिग्ध कार,तस्करों का सुराग नहीं

नाकाबंदी में पुलिस से सामना हुआ तो उल्टे पैर जंगल की ओर भागे तस्कर,पुलिस ने पूरे इलाके को घेरा,बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी

By: suresh bharti

Updated: 12 Apr 2021, 12:27 AM IST

अजमेर/ब्यावर. भीलवाड़ा के कोटड़ी व रायला थाना पुलिस के दो जवानों पर फायरिंग कर हत्या करने के फरार आरोपियों की कार रविवार को डूंगरखेड़ा गांव के जंगलों में मिली। रावला बाडिय़ा में नाकाबंदी को देखकर तस्कर कार को मोडकऱ उल्टे पांव भाग गए। इस दौरान पुलिस ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग भी की, लेकिन वह भागने में सफल रहे।

पुलिस से बचने के लिए रातभर भागते-भागते आरोपी जवाजा क्षेत्र के निकट जंगलों में फंस गए। भीम थाना क्षेत्र के डूंगरखेड़ा गांव के घने जंगलों में उनकी कार मिली है। अजमेर व भीलवाड़ा जिले के करीब 12 थानों की पुलिस की संयुक्त नाकाबंदी और घेराबंदी के बाद पुलिस को कार तो मिल गई, लेकिन आरोपी अभी भी पुलिस के हाथ नहीं लग सके हैं। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि मामला मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़ा है।

चार स्थाानों पर नाकाबंदी

भीलवाड़ा जिले में पुलिस पर फायरिंग कर भागे तस्करों को पकडऩे के लिए ब्यावर सीओ सर्किल में चार स्थानों पर नाकाबंदी की गई। अजमेर, राजसमंद, पाली, भीलवाड़ा की सरहद होने से चारों ही जिलों की पुलिस आरोपियों को पकडऩे के प्रयास में जुटी रही। पुलिस मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी करने के साथ ही लगातार गश्त कर रही है।

पुलिस उप अधीक्षक हीरालाल सैनी ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के रावला का बाडिय़ा, रामगढ़, जवाजा थाना क्षेत्र के राजियावास एवं टॉडगढ़ थाना क्षेत्र के बराखन में नाकाबंदी की गई। रावला बाडिय़ा में नाकाबंदी पर पुलिस उपअधीक्षक हीरालाल सैनी, शहर थानाधिकारी संजय शर्मा एवं सदर थाना पुलिस का जाप्ता तैनात रहा। यहां नाकाबंदी देखकर तस्करों ने कार को वापस भीलवाड़ा मार्ग की ओर मोड़ दिया।

तस्करों का नहीं लगा सुराग

पुलिस ने तस्करों की कार का पीछा कर फायरिंग भी की, लेकिन आरोपी भाग गए। तस्करों ने बोरवा होते हुए पहाड़ी क्षेत्र के आंतरिक रास्तों की ओर रुख कर लिया। माना जा रहा है कि तस्कर बोरवा के पास जसवंतपुरा, फत्ताखेड़ा, आंबा की पाल देवखेडा होते हुए डूंगरखेड़ा निकल गए। यहां पर तालाब के पास कार छोडकऱ फरार हो गए। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। पुलिस की टीमें तस्करों की तलाश में दिनभर घूमती रहीं। पुलिस को अब तक उनका सुराग नहीं लगा है।

12 थानों की पुलिस से कराई नाकाबंदी

डूंगरखेडा के आस-पास पहाड़ी क्षेत्र होने एवं यहां से रास्ते भीलवाड़ा जिले के बदनोर, भीम, जवाजा सहित अन्य क्षेत्रों में निकलते हैं। ऐसे में पुलिस दिनभर इन रास्तों पर डटी रही। इसके अलावा पहाडिय़ों में छिपने वाले स्थानों पर भी पुलिस तलाश कर रही है। जवाजा, मसूदा, ब्यावर सिटी, सदर, करेड़ा, आसींद, बदनोर समेत करीब 12 थानों की पुलिस की ओर से जगह-जगह नाकाबंदी की गई। आरोपियों के जवाजा थाना क्षेत्र में आने की सूचना मिलते ही पुलिस की ओर से 10 टीमें बनाकर मुख्य चौराहों पर नाकाबंदी की गई। पुलिस ने भीलवाड़ा को जोडऩे वाले सभी मार्गों पर नाकाबंदी की। इसमें राजियावास, रामगढ़, रावला बाडिया एवं टॉडगढ़ थाना क्षेत्र के बराखन में नाकाबंदी की। चार जिलों के अलग-अलग थानों की पुलिस दिनभर सक्रिय रही। पुलिस ने इस रूट पर निकलने वाले सभी वाहनों की तलाशी ली।

भारी मात्रा में नशे की खेप होने की आशंका

पुलिस को नाकाबंदी के दौरान ही डूंगरखेड़ा के जंगलों में काले रंग की स्कॉर्पियो होने की खबर मिली है। आरोपियों ने जंगलों में एक नाडी में कार को छिपाने का प्रयास किया। आशंका है कि कार में बड़ी मात्रा में नशे की खेप लेकर जा रहे थे। इस दौरान ही पुलिस को भनक लग जाने से आरोपी पुलिस से बचने के लिए भागते रहे।

भीलवाड़ा में दो पुलिस जवानों पर फायर करने के बाद आरोपियों ने भीलवाड़ा के ग्रामीण रूट से हाइवे पकडऩे की कोशिश की, लेकिन जगह-जगह नाकाबंदी होने से आरोपी रुके नहीं और गांवों के रास्ते से हाइवे की तलाश करते रहे। रावला का बाडिय़ा में भी पुलिस की नाकाबंदी देखकर वापस भाग गए।

suresh bharti Desk
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