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जलकुंभी का फैल रहा जाल. . .करोड़ों की मशीनें भी बेअसर

locationअजमेरPublished: Jan 31, 2024 10:35:27 pm

Submitted by:

Dilip Sharma

रोजाना 25-30 डंपर निकालने का दावा, आवक स्थल पर नहीं अब तक कोई रोक

आनासागर झील में जलकुंभी का फैलाव रोकने में फिलहाल निगम प्रशासन को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा। जलकुंभी हटाने में लगी करोड़ों की मशीनें भी बेअसर नजर आ रही हैं।

जलकुंभी का फैल रहा जाल. . .करोड़ों की मशीनें भी बेअसर
जलकुंभी का फैल रहा जाल. . .करोड़ों की मशीनें भी बेअसर
आनासागर झील में जलकुंभी का फैलाव रोकने में फिलहाल निगम प्रशासन को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा। जलकुंभी हटाने में लगी करोड़ों की मशीनें भी बेअसर नजर आ रही हैं। जलकुंभी को लेकर निगम प्रशासन ने मानवीय श्रम लगा कर हटाने की बात भी कही थी, लेकिन यह निरंतर फैल रही है। झील में जलकुंभी की चादर फैल गई है। कई जगह पानी ही नजर नहीं आ रहा। हालांकि प्रशासन जलकुंभी को सात दिन में हटाने का दावा कर चुका है लेकिन फिलहाल हालात कतई उलट हैं। बुधवार को डिवीडिंग मशीन के जरिए क्रिश्यिचनगंज, जेटी क्षेत्र से जलकुंभी हटाने का कार्य जारी रहा।
उदगम स्थल की फिर अनदेखी

जलकुंभी हटाने को लेकर निगम प्रशासन कोी खुलासा नहीं कर रहा। कितनी मशीनें लगी हैं, कितने डंपर खाली किए, कितनी राशि ठेकेदार फर्म को अदा की गई इसे लेकर कोई बोलने को तैयार नहीं। बांडी नदी के रास्ते झील में आ रहे पानी के कारण जलकुंभी का फैलाव है। इसमें नालों का पानी भी गिर रहा है।
प्रतिमाह 40 लाख का ठेका

निगम सूत्रों की माने तो जलकुंभी सफाई के लिए ठेकेदार को 40 लाख रुपए का भुगतान हो रहा है। इसमें डंपर भरने व जलकुंंभी निकालने में लगी एक करोड़ की डिवीडिंग मशीन भी बेअसर हो रही है। निगम प्रशासन ने सफाई पर अब तक लाखों रुपए खर्च कर दिए लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही।वित्तीय वर्ष पूर्ण होने के बाद ही नया ठेेका संभव
निगम सूत्रों का कहना है कि मौजूदा ठेकेदार ने कम राशि में ठेका ले लिया ऐसे में वह अतिरिक्त संसाधन व नावें नहीं लगा रहा। जिससे जलकुंभी की सफाई नहीं हो पा रही।

-डिवीडिंग मशीन दो दिन से खराब थी। इसकी मरम्मत में खासी लागत आई। अब दावा किया जा रहा है जलकुंभी हटा दी जाएगी।
- नए वित्तीय वर्ष में अप्रेल माह में ठेका होगा तभी कुछ प्रभावी कार्रवाई संभव होगी।

आज से मानवीय श्रम से लेंगे काममहापौर ब्रजलता हाड़ा ने बताया कि ठेका 31 मार्च तक का है। नया ठेका अपेेल में दिया जाएगा। गुरुवार से नावों के जरिए अनुभवी कर्मचारियों को लगाया जाएगा व जलकुंभी मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा।

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