ख्वाजा साहब की दरगाह में अनोखा सूफी ध्यान, 102 देशों ने दिया विश्व शांति का संदेश

वैश्विक एकता, सूफीवाद, परस्पर भाईचारा और मेलजोल, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अन्य विषयों पर पत्र वाचन किया।

By: raktim tiwari

Published: 12 Nov 2017, 09:13 PM IST

ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में रविवार का दिन खास रहा। युनाइटेड रिलीजन्स इनीशियेटिव और चिश्तिया फाउन्डेशन के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय एसेम्बली में सूफी ध्यान (मेडिटेशन) का आयोजन हुआ। विश्व में शांति के लिए 102 मुल्कों के प्रतिनिधियों ने ध्यान में शिरकत की। क्रिएटिंग सर्किल्स ऑफ होप, कनेक्टिंग टू द वननेस विषयक एसेम्बली पर कई कार्यक्रम हुए।

रविवार सुबह 6 बजे 102 मुल्कों के प्रतिनिधियों ने वैश्विक शांति के लिए सूफी ध्यान में शिरकत की। गरीब नवाज की मजार शरीफ पर मखमली चादर और गुलाब के फूल पेश किए। इसमेंं अमरीका, अफगास्तिान, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल सहित भारत के प्रतिनिधि शामिल हुए। एसेम्बली के दौरान सूफी कव्वालियों और ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की शिक्षाओं पर चर्चा हुई। विभिन्न देशों से आए विद्वानों ने वैश्विक एकता, सूफीवाद, परस्पर भाईचारा और मेलजोल, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अन्य विषयों पर पत्र वाचन किया।

युनाइटेड रिलीजन्स इनीशियेटिव की पश्चिम एशिया प्रमुख कुतुब जहां किदवई ने कहा कि विविधता में एकता और वसुधैव कुटुम्बकम भारत की समृद्ध विरासत है। दुनिया के सभी देशों की निगाहें भारत पर टिकी हैं। यहां का आध्यात्म, सूफीवाद, सर्वपंथ समभाव अनूठा है। कार्यक्रम में चिश्तिया फाउन्डेशन के हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने कहा कि परस्पर सौहार्द, सांस्कृतिक सद्भाव और भाईचारे से वैश्विक शांति सम्भव है।

किसी भी समस्या का हल इन्हीं मूल्यों में निहित हैं। सेन फ्रांसिस्को की कैथरीन ने कहा कि आपसी सहयोग एवं सांस्कृतिक विविधता से एकदूसरे को समझने का अवसर मिलता है। ऐसे प्रयास निरन्तर जारी रहने चाहिए। समारोह के दौरान सूफियाना कलाम और अन्य कार्यक्रम भी हुए।

तीन दिन चला कार्यक्रम

अजमेर में तीन दिन तक क्रिएटिव सर्किल्स ऑफ होप कार्यक्रम हुआ। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने तीन दिन तक वैश्विक शांति के लिए मंथन किया। गरीब नवाज के शहर से दुनिया के कई देशों ने संदेश दिया। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती ने 800 वर्ष पूर्व दुनिया को सूफियत का पैगाम दिया था। इसमें भाईचारा, परस्पर प्रेम, त्याग, बलिदान और विश्व कल्याण को बढ़ावा देने की शिक्षा सामिल है।

raktim tiwari Reporting
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