निलंबित सीओ व महिला कांस्टेबल ने मासूम को भी किया अश्लील हरकतों में शामिल

- सोश्यल मीडिया पर प्रकरण का दूसरा वीडियो वायरल

 

By: manish Singh

Updated: 10 Sep 2021, 03:28 AM IST

अजमेर. ब्यावर के निलम्बित पुलिस उप अधीक्षक हीरालाल सैनी व महिला कांस्टेबल की स्वीमिंग पूल में अश्लील हरकतों का दूसरा वीडियो सोश्यल मीडिया पर गुरुवार को वायरल हुआ है। इसमें सीओ और महिला कांस्टेबल न केवल पानी में अश्लील हरकतें करते दिख रहे हैं बल्कि छह साल के मासूम बालक को इसमें शामिल कर लिया। वीडियो में बच्चे के साथ जो कुछ किया जा रहा है वह 'पोस्कोÓ अधिनियम के तहत जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। वायरल हुआ दूसरा वीडियो 2 मिनट 53 सैकंड का है।

वीडियो बन रहा है, इससे नहीं अनजान
स्वीमिंग पूल में सैनी और महिला जिस तरह बार बार कैमरे की तरफ देख रहे हैं उससे साफ जाहिर है कि दोनों को पता है कि उनका वीडियो बन रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि पूल में की जा रही हरकतों को बाद में देखने के लिए कैमरा लगाया गया था। दोनों बार-बार कैमरे के फोकस में आकर हरकतें कर रहे हैं।

और भी वीडियो तो नहीं

जिस तरह प्रकरण की दूसरा वीडियो क्लिपिंग जारी हुई है, उससे लगता है कि अश्लील हरकतों का वीडियो लम्बा है और जारी करने वाला उसको टुकड़ों में वायरल कर रहा है। दूसरा वीडियो पार्ट-2 के नाम से जारी किया गया है। यह न केवल सोश्यल मीडिया पर बल्कि पुलिस के पास भी पहुंचा है।
शिकायतकर्ता का दावा मोटाराम ने कराया समझौता

प्रकरण में शिकायर्ता महिला कांस्टेबल के पति से हुई बातचीत के अनुसार प्रकरण में समझौता हो चुका है। समझौते में कुचामन सिटी वृत्ताधिकारी मोटाराम बेनीवाल की मध्यस्थता रही है। बकौल शिकायतकर्ता 'मामले में समझौता हो गया है। अब कोई मामला नहीं है। जो मामला था वो रफादफा हो गया। मामला पुराना था उस वजह से निकल गया। बाकि बाद में मोटारामजी डिप्टी व अन्य ने समझौता करवा दिया। ऐसा कुछ भी नहीं है। मेरी तरफ से अब कोई शिकायत नहीं है।Ó
(जैसा पत्रिका संवाददाता को महिला कांस्टेबल के पति ने दूरभाष पर बताया)

नागौर एसपी से राज्य बाल आयोग ने की रिपोर्ट तलब

अजमेर. ब्यावर सीओ हीरालाल सैनी और महिला कांस्टेबल के अश्लील वीडियो को लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी संज्ञान लिया है। राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने बताया कि मामला गंभीर श्रेणी का है। एक मासूम के सामने जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की इस तरह की हरकत चिंतनीय है। इस संबंध में नागौर पुलिस अधीक्षक से तीन दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। अब तक क्या कार्रवाई की गई, इनकी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। सरकार बाल संरक्षण को लेकर सजग है। रिपोर्ट आने के बाद तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर कार्रवाई की जाएगी।

इनका कहना है...
प्रकरण मेरी जानकारी में नहीं था। एसपी साहब के मार्क करने के बाद शिकायत सीधी थाने पर गई थी। ना हमारे यहां प्रकरण दर्ज था ना ही मुझे इसकी जानकारी थी। मेरा उससे कोई लेना देना नहीं है।

-मोटाराम बेनीवाल, सीओ कुचामन सिटी

manish Singh Reporting
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