देग के खाने से तैयार होंगे तबर्रुक के पैकेट

Ajmer Dargah News : विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह स्थित देगों में पकने वाले खाने तबर्रुक के पैकेट बनाए जाएंगे। दरगाह के खादिमों की संस्था अंजुमन इस पर विचार कर रही है।

By: Yuglesh kumar Sharma

Published: 19 Jun 2020, 01:39 PM IST

अजमेर. विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह (dargah) स्थित देगों में पकने वाले खाने तबर्रुक के पैकेट बनाए जाएंगे। दरगाह के खादिमों की संस्था अंजुमन इस पर विचार कर रही है। देग (deag) के खाने से बनने वाले तबर्रुक के पैकेट दरगाह आने वाले जायरीन को दिए जाएंगे। दरगाह खुलने के बाद अंजुमन इस पर काम शुरू करेगी।

बन सकता है बहुत कुछ
दरअसल शहर के एक युवा की ओर से किए गए शोध के अनुसार देग के बचे हुए खाने से तबर्रुक के पैकेट, बिस्किट, मठरी व कैंडी आदि कई तरह की चीजें तैयार की जा सकती है। इससे खाना भी बेकार नहीं जाएगा और लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।

मन्नत पूरी होने पर पकाते हैं देग

दरगाह में बड़ी और छोटी दो देग हैं। मन्नत पूरी होने पर जायरीन यह देग पकवाते हैं। बड़ी देग में 120 मण (4800 किलो) और छोटी देग में 60 मण (2400 किलो) खाना मीठे चावल के रूप में पकाया जाता है। हजारों जायरीन में यह खाना बांटा भी जाता है। लेकिन इसके बावजूद बड़ी मात्रा में खाना बच जाता है। बचे हुए खाने का सदुपयोग करने के लिए अंजुमन ने यह योजना बनाई है।

पकता है केवल शाकाहारी खाना

दरगाह स्थित देग की खासियत यह है कि इसमें केवल शाकाहारी भोजन ही पकाया जाता है। यहां तक कि लहसुन और प्याज भी नहीं डाले जाते। देग में पकने वाली सामग्री निर्धारित है। इसकी बाकायदा सूची उपलब्ध है।

इनका कहना है

दरगाह फिलहाल आम जायरीन के लिए बंद है। देगों के बचे हुए खाने से तबर्रुक के पैकेट आदि तैयार किए जाने का सुझाव आया है। दरगाह खुलने के बाद सभी पहलुओं पर विचार कर इस पर कार्य किया जाएगा। इस बार इस कार्य को अंजुमन अपने हाथों में लेगी।
-वाहिद हुसैन अंगारा शाह, सचिव अंजुमन

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Yuglesh kumar Sharma Reporting
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