बोलीं ट्रेफिक डीएसपी-आता है मुझे सबको ठीक करना, नहीं मानोगे बात तो होगा ये हाल

यातायात पुलिस के अधिकारी हठधर्मिता अपनाते हुए रूट पर चलने वाले टैम्पो को इधर-उधर करने पर तुले हैं।

By: manish Singh

Published: 04 Jan 2018, 08:12 AM IST

यातायात पुलिस की हठधर्मिता से नाराज टैम्पो-सिटी बस यूनियन ने रूट नम्बर 7 पर वाहन का संचालन बंद रखा। कलक्टर गौरव गोयल के हस्तक्षेप के बाद जिला परिवहन अधिकारी प्रकाश टहलियानी की मौजूदगी में टैम्पो-सिटी बस यूनियन के पदाधिकारियों की वार्ता हुई। वार्ता में रूट नम्बर 7 राजकीय जनाना अस्पताल से हटूंडी तक टैम्पो नियमित संचालन पर सहमति बन गई।

शहर के रूट नम्बर 7 पर टैम्पो के संचालन को लेकर करीब सात दिन से चली आ रही खींचतान खत्म हो गई। कलक्टर गोयल ने जिला परिवहन अधिकारी टहलियानी को मामले में टैम्पो चालकों की बात सुनने व उनका समाधान करने के निर्देश दिए। शाम साढ़े 4 बजे परिवहन कार्यालय में हुई वार्ता में जनाना अस्पताल से हटूंडी तक नियमित टैम्पो चलाने और रेलवे स्टेशन के सामने भीड़ नहीं करने पर रजामंदी हुई।

टैम्पो यूनियन के पदाधिकारी ने डीटीओ टहलियानी की ओर से बीच रास्ते से मुडऩे वाले टैम्पो चालकों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई पर भी सहमिति दी। वार्ता के बाद टैम्पो यूनियन के पदाधिकारियों ने गुरुवार से की जाने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित कर दिया।

वार्ता में अजमेर शहर सिटी बस, टैम्पो यूनियन के अध्यक्ष मुकेश यादव, उपाध्यक्ष यासीन खान, संयोजक शक्ति सिंह, महामंत्री मोहम्मद शकील अब्बासी, भुवनेश्वर प्रकाश, नरेश यादव, राजेश यादव आदि मौजूद थे। इससे पूर्व टैम्पो यूनियन पदाधिकारियों ने आजाद पार्क में बैठक कर अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया था।

सीओ रही बैठक से दूर

कलक्टर गोयल ने टैम्पो यूनियन पदाधिकारियों को पुलिस उप अधीक्षक यातायात प्रीति चौधरी की मौजूदगी में वार्ता करने के आदेश दिए थे, लेकिन सीओ चौधरी बैठक में नहीं पहुंचीं। आखिर डीटीओ टहलियानी की मौजूदगी में हुई वार्ता में रूट नम्बर 7 जनाना से हटूंडी तक पूर्व की भांति संचालन का फैसला हुआ। टैम्पो चालक के बीच राह में मुडऩे पर कार्रवाई पर सहमति बन गई।

यह की थी व्यवस्था

यातायात पुलिस ने रूट नम्बर 7 पर संचालित 250 टैम्पो में से 125 को 15 दिन शहरी क्षेत्र में शेष 125 को 15 दिन शहर के बाहरी क्षेत्र में संचालन करने के आदेश दिए थे। टैम्पो चालकों ने यातायात पुलिस की व्यवस्था का विरोध कर दिया। उन्होंने टैम्पो चालक व मालिकों पर आर्थिक संकट गहराने का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 2006 में रूट पर 250 टैम्पो संचालित थे। अब भी उतने ही चल रहे हैं, लेकिन यातायात पुलिस के अधिकारी हठधर्मिता अपनाते हुए रूट पर चलने वाले टैम्पो को इधर-उधर करने पर तुले हैं।

 

रूट नम्बर 7 पर चलने वाले टैम्पो बीच रास्ते से मुड रहे थे। इससे रेलवे स्टेशन पर दबाव बढ़ रहा था। यातायात पुलिस ने रूट पर चलने वाले आधे टैम्पो को 15 दिन बाहर चलाने की व्यवस्था की थी। यूनियन के पदाधिकारियों ने टैम्पो को तय रूट तक ले जाने पर सहमति दी है।
प्रकाश टहलियानी, जिला परिवहन अधिकारी, अजमेर

manish Singh Reporting
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