शातिर निकला रीछ : पहले चाव से खाए शहद-बेर और फिर पिंजरा तोड़ भाग छूटा

पैंथर को पकडऩे के लिए वन विभाग ने बनाई दस टीमें,करीब चार जगह रखवाए पिंजरे,पैंथर के हमले में पांच किसान हुए घायल,रीछ ने एक किसान को किया गभीर चोटिल

Suresh Bharti

19 Feb 2020, 02:33 AM IST

ajmer. अजमेर. जिले में इन दिनों हिंसक वन्यजीव खासे सक्रिय हैं। मवेशियों व किसानों पर पैंथर व रीछ के हमले रोज-रोज होने लगे हैं। हालात यह है कि पशुपालक मवेशियों को बाड़े में बांधने से भी डरने लगे हैं तो खेत की रखवाली करने जाने से कतरा रहे हैं।

पिछले दिनों एक पैंथर ने करीब पांच किसानों पर हमला कर घायल कर दिया तो रीछ के हमले से गंभीर घायल एक किसान जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती है। सेंदड़ा वन विभाग ने ग्राम धोलिया में पिंजरा लगाया था,लेकिन रीछ बड़ा चालाक निकला।

पिंजरे के अंदर रखे शहद और बेर को वह चाव से खाता रहा। तभी पिंजरा झटके से बंद हो गया। अपने को कैद होते देख रीछ को इतना गुस्सा आया कि पंजे और पीठ से झटके दे-देकर पिंजरे को तोड़ दिया। इस बीच वह पिंजरे से निकल कर भाग गया।

दस टीमों का गठन

अजमेर जिले के ग्राम पंचायत किशनपुरा के ग्राम राजेन्द्रा में वन विभाग ने पिंजरा रखा था। विभाग ने रीछ को पकडऩे के लिए दस टीमों का गठन किया है। इन टीमों ने मंगलवार को ग्राम राजेन्द्रा सहित आस-पास के क्षेत्रों में गश्त की। अब वन विभाग ने तीन स्थानों पर पिंजरे लगाए हैं।

गौरतलब है कि ग्राम राजेन्द्रा में खेत पर रखवाली करते समय काश्तकार गोपालसिंह पर रीछ पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। घायल का जयपुर स्थित एसएमएस में इलाज चल रहा है।

पैंथर की तलाश में छाना जंगल

अजमेर जिले के मसूदा उपखंड स्थित ग्राम हरराजपुरा में गत दिवस पैंथर के हमले में पांच जने घायल होने के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाया है। इधर, पैंथर की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग की टीम ने आसपास के खेतों व जंगल में पैंथर की तलाश की. लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। ग्रामीण समूह में खेतों में कार्य पर जा रहे हें और शाम ढलते ही घर लौट आते हैं।

घाटी पर मृत मिला पैंथर

राजगढ़ मार्ग पर ककलाना-लच्छीपुरा घाटी में पैंथर मृत मिला। उसका पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही लग सकेगा। सोमवार को ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को पैंथर मृत पड़े होने की सूचना दी थी।

इस पर वन विभाग की उप-वन संरक्षक सुदीप कौर, उपनिरीक्षक बूलीदान, तहसीलदार बुद्धिप्रकाश मीणा, वन विभाग के अब्दुल गनी, सत्यनारायण, मुनीर खां व शंकर गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृत पैंथर को कब्जे में लेकर बीर स्थित रेंज मुख्यालय की नर्सरी पहुंचाया, जहां मंगलवार को पशु चिकित्सक कौशल कुमार, अनूप कुमार व रामकेश की टीम ने मृत पैंथर का पोस्टमार्टम किया। चिकित्सकों ने बताया कि तीन-चार वर्ष की इस मादा पैंथर की मौत संभवत: दो-तीन दिन पहले हुई है।

suresh bharti Desk
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