...और वह जिंदा घर लौट आया : मृत समझ जिसका किया अंतिम संस्कार, वह निकला जीवित

...और वह जिंदा घर लौट आया : मृत समझ जिसका किया अंतिम संस्कार, वह निकला जीवित
चांग भीलातों का बाडिय़ा स्थित घर पर जिंदा लौटा शैतान सिंह अपनी पत्नी व बेटे के साथ।

Suresh Bharti | Updated: 06 Oct 2019, 08:01:17 PM (IST) Ajmer, Ajmer, Rajasthan, India

जोधपुर पुलिस ने आधार कार्ड के अनुसार शव की शिनाख्त की थी, परिजन व पड़ोसी भी रह गए हक्का-बक्का, एकबारगी तो आंखों पर नहीं हुआ विश्वास,शव का चेहरा कुचला हुआ होने से पहचान में हुई परेशानी

अजमेर. जिले के ब्यावर उपखंड (beawar sub.division) स्थित सराधना इलाके में चांग भीलातों का बाडिय़ा में अजीबोगरीब घटना हो गई। कुछ दिनों पहले परिजन और समाज के लोगों ने जिस सख्श को मृत मानकर दाह संस्कार कर दिया था। वह जिंदा घर लौट आया।

उसे देख एकबारगी तो किसी को विश्वास ही नहीं हुआ कि जिस व्यक्ति की हमने अर्थी निकाली। शवयात्रा में शामिल हुए। चिता सजाई और शव को पंचतत्वों में विलीन कर दिया। परिजन ने तीये की बैठक भी कर दी। घर-परिवार में विलाप हुआ।

अंतिम संस्कार किया गया था,आखिर वह कौन था

रोते-बिलखते परिजन को लोगों ने सांत्वना बंधाई। सभी परिजन शोक में डुबे हुए थे,लेकिन शुक्रवार रात इसी घर में खुशी का माहौल बन गया। परिजन ने शैतान सिंह पुत्र नारायणसिंह को गले खुशी जताई। इस दौरान जिन आंखों में आंसू बह रहे थे। उनमें खुशी लौट आई।

कोई उसे गले लगा रहा था कोई लिपट कर खुशी जताते दिखा। दूसरी ओर सवाल इस बात का है कि जिस युवक का अंतिम संस्कार किया गया था,आखिर वह कौन था। चांग भीलातों का बाडिय़ा निवासी शैतान सिंह दरअसल जोधपुर में दिहाड़ी मजदूरी करता है। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि शैतान को जब पता चला कि परिजन ने गलती से उसे मृत मान लिया है।

..अरे...अरे...यह कुण आग्यो..

चिता सजाकर उसे अग्नि को समर्पित भी कर दिया। पिंडदान, कैशलोंच, जल अर्पण,कौए को चावल खिलाने,अस्थि विसर्जन सहित सभी परम्पराएं निभाई गई। जब शैतान सिंह घर पहुंचा तो परिजन व पड़ोसियों का सिर चकरा गया। कई लोग बोले...अरे...अरे...यह कुण आग्यो...श्मशान घाट से कोई भूत तो नहीं आयो है..जिन्हे मर्यो समझ जला दिया ओ जिंदा कियान हुइयो...।

बाद में बातचीत से असलियत का पता चला। तब जाकर लोगों को भरोसा हुआ। इस घटना को लेकर लोगों में कई तरह के कयास हैं। कोई इसे पुलिस की लापरवाही बता रहा है तो कोई परिजन को कोस रहा है।

वह तो नवरात्र पर घर आया था

कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि शैतान सिंह के पास तो मोबाइल तक नहीं है। वह तो अपने घर नवरात्र पर आया था। उसकी पत्नी व एक बेटा-बेटी चांग भीलातों का बाडिय़ा में रहते हैं। उसने घर में शोक का माहौल देखा तो वह खुद अचम्भित हो गया।

पत्नी अपने पति और बेटा-बेटी पिता को जिंदा देख खुशी का मारे समा नहीं रहे थे। नवरात्र में विधाता ने कुछ दिनों के लिए जो गम दिया था। इसी प्रभु ने खुशी लौटा दी। शैतान सिंह को मृत मानकर नाते-रिश्तेदार शोक संवेदना जताकर अपने-अपने गांव-घर चले गए थे। अब यही लोग वापस आकर शैतान सिंह को बधाई देने आ रहे हैं।

आखिर वह शव किसका था

दरअसल, यह सब गड़बड़झाला जोधपुर पुलिस की ओर से हुआ बताते हैं। सडक़ दुर्घटना में शव का चेहरा इतना कुचल गया था कि शिनाख्त में परेशानी हुई, लेकिन मृतक की जेब में जो आधारकार्ड मिला वह शैतान सिंह का निकला। पुलिस ने इसी को पहचान का जरिया मानकर शैतान सिंह के परिजन को इत्तला की थी। अब जोधपुर पुलिस के सामने मृतक की शिनाख्त करने की चुनौती है। शव का तो दाह संस्कार हो गया। अब बिना बॉडी के कैसे शिनाख्त हो पाएगी। कोई परिजन तलाश करता हुआ पुलिस के पास पहुंचेगा। तभी जाकर असलियत सामने आ पाएगी।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned