कोरोना का भय : ब्रह्मा मंदिर के कपाट तो खुल गए, दर्शनार्थी रहे कम

साढ़े पांच माह बाद ब्रह्मा-गायत्री विग्रह के हुए दर्शन,मंगला आरती के साथ ही खुले मंदिर के कपाट,सुरक्षा के प्रबंध रहे कड़े,कोरोना के भय से पुष्कर में इन दिनों श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या नगण्य

By: suresh bharti

Published: 07 Sep 2020, 11:40 PM IST

अजमेर/पुष्कर. तीर्थ नगरी पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर के कपाट सोमवार को ब्रह्म मुहुर्त की मंगलाआरती के साथ ही खुल गए। इससे पहले मुख्य द्वार पर साढ़े पांच माह से ताला लटका था। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध सैनेटाइज होकर सोशल डिस्टेन्स के साथ १८ फीट की दूरी से ब्रह्मा गायत्री विग्रह के दर्शन कर शीश नवाया। इस दौरान घंटाल बजा और ना शंख। प्रसाद और पुष्प माला भी अर्पित नहीं हुए। केवल दूरी से श्रद्धालुओं ने प्रजापिता ब्रह्माजी के दर्शन किए। तड़के से रात नौ बजे तक मंदिर में श्रद्धालु आते-जाते रहे। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।

एलसीडी से दर्शनों की थी व्यवस्था

मार्च माह के अंतिम सप्ताह में कोरोना लॉकडाउन के साथ ही मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए थे। मंदिर की सीढि़यों के पास एलसीडी के माध्यम से मंदिर में नित्य प्रति आरती पूजा दर्शन की व्यवस्था कर दी गई थी।

अनलॉक के साथ ही 7 सितम्बर से मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इससे पूर्व मंदिर परिसर को सेनेटाइज किया गया। श्रद्धालुओं के बीच एक गज की दूरी के लिए जमीन पर लाल गोले बनाए गए। बेरिकेडिंग की गई। सोमवार प्रात: साढ़े पांच बजे पुजारी लक्ष्मी निवास वशिष्ट ने मंगलाआरती की। इसी के साथ ही श्रद्धालुओं का प्रवेश शुरू हो गया।

18 फीट की दूरी से दर्शन

सैेनेटाइज, थर्मल स्केनिंग एवं मेटल डिटेक्टर से सुरक्षा जांच के बाद कतारबद्ध श्रद्धालुओं ने गर्भगृह में विराजित जगतपिता ब्रह्मा-गायत्री के विग्रह को करीब 18 फीट दूरी से दर्शन कर नमन किया। मंदिर अस्थाई प्रबंध कमेटी के सचिव एवं उपखंड अधिकारी दिलीप सिंह राठौड़ व थानाधिकारी राजेश मीणा ने कपाट खुलने से पूर्व अलसवेरे मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाएं जांची और मंगलाआरती में शामिल हुए। दोपहर डेढ़ से तीन बजे तक पूर्व की भांति मंदिर बंद रहा। इसके बाद रात्रि नौ बजे तक दर्शनों की व्यवस्था रही।

बच्चों व वृद्धों को प्रवेश की मनाही

दस वर्ष से कम के बालक तथा साठ वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धों को मंदिर ड्योढ़ी पर धोक लगाकर ही संतोष करना पड़ा। मंदिर की सीढि़यों के पास लगी फूल प्रसाद की दुकान नहीं खुली। सीसीटीवी कैमरों में प्रत्येक गतिविधि रिकार्ड की गई।

श्रद्धालुओं की संख्या कम

कोरोना संक्रमण के डर से पुष्कर आने वाले श्रद्धालुओं व तीर्थयात्रियों की संख्या कम ही है। सितम्बर के पहले सप्ताह में ही प्रदेश के हर जिले से कोरोना संक्रमितों की संख्या में अचानक वृद्धि हो गई। इसमें अजमेर जिला भी अछूता नहीं है। कोरोना से मौतें भी हो रही है। यही वजह है कि इन दिनों तीर्थराज पुष्कर से चहल-पहल गायब है। सोमवार को ब्रह्मा मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी कम रही।

suresh bharti Desk
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