शहीद की मां बोली : साहब छोटे बेटे को भी सेना में शामिल कर लो...पौते भी बड़े होकर फौजी ही बनेंगे...

दक्षिण-पश्चिमी कमान का अलंकरण समारोह : बेटे की वीरता का मैडल लेते वृद्ध मां के छलके आंसू, सेना के अधिकारियों ने वीर माता को किया सैल्यूट, भदूण के शहीद हेमराज जाट को मरणोपरांत गैलेंट्री अवार्ड,वह वर्ष 2017 में भारतीय सेना में हुए थे,जम्मू-कश्मीर के पूंछ-राजोरी में हुए शहीद

By: suresh bharti

Published: 20 Feb 2021, 12:52 AM IST

अजमेर/अलवर. अजमेर जिले के रूपनगढ़ उपखंड के भदूण गांव निवासी शहीद हेमराज जाट की वृद्ध मां बोली-साहब मेरा छोटा बेटा और है। उसे भी फौज में शामिल कर लो। देश की सेवा करेगा। साथ में मेरा बुढ़ापा भी फक्र और आसानी से गुजर जाएगा। दक्षिण-पश्चिमी कमान के अलंकरण समारोह में बेटे के मरणोपरांत गैलेंट्री अवार्ड लेते समय नम आंखों से वीर माता ने सेना के अधिकारियों से यह आग्रह किया तो हर किसी की आंखें छलछला आई।

पहले सैल्यूट किया और फिर अवार्ड प्रदान

शुक्रवार को शहीद हेमराज की 70 वर्षीय वृद्ध मां ढाका देवी ने मैडल प्राप्त किया। शहीद की बुजुर्ग मां की आंखों में आंसू देख कार्यक्रम में मौजूद सेना के अधिकारी और जवानों की भी आंखें भर आईं। शहीद की मां ने दक्षिण-पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ आलोक क्लेर से हाथ जोडक़र छोटे बेटे बंशी को सेना में भर्ती करने को कहा।

लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर ने शहीद हेमराज की मां को पहले सैल्यूट किया और फिर अवार्ड प्रदान किया। समारोह के बाद लेफ्टिनेंट जनरल क्लेर शहीद हेमराज की मां से फिर मिले और उन्हें दो बार फिर सैल्यूट किया। इस दौरान सेना के अन्य अधिकारी भी शहीद हेमराज की मां से मिले और उनका हालचाल जाना। वहीं, सेना के अधिकारियों के परिवारों ने शहीद की मां ढाका देवी के साथ फोटो भी खिंचवाए।

जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए थे हेमराज

२५ वर्षीय ग्रिनेडियर हेमराज जाट जम्मू-कश्मीर में सीमा पर तैनात थे। एक सितम्बर 2019 को एक ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए हेमराज शहीद हो गए थे। शहीद होने से दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी।

बेटे-पौतों को भी सेना में भेजूंगी

पत्रकारों से बातचीत में शहीद हेमराज की मां बोली कि उसके लाल हेमराज ने देश की रक्षा की खातिर अपनी जान दी है। यह उसके और उसके परिवार के लिए गर्व की बात है। देश की रक्षा के लिए वह अपने छोटे बेटे बंशी और दो पौतों को भी फौज में भेजना चाहती है। अपने लाल हेमराज को याद करते हुए मां की आंखें छलक पड़ीं और गला भर आया।

सेना के शूरवीरों को किया अलंकृत

समारोह के दौरान क्लेर ने सेना के शूरवीरों को 10 सेना मैडल (वीरता), 2 सेना मैडल (प्रतिष्ठित) और 4 विशिष्ट सेवा मैडल प्रदान किए। क्लेर ने छह ऑफिसर, एक जूनियर कमीशन ऑफिसर और नौ अन्य पदों पर पदस्थापित सैनिकों को पुरस्कार प्रदान किए। आर्मी कमांडर ने दक्षिण पश्चिमी कमान की 23 यूनिटों को भी प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया, जिन्होंने पूरे वर्ष के दौरान सराहनीय प्रदर्शन किया।

पाकिस्तान की गोलाबारी में हुए थे शहीद

अजमेर जिले के रूपनगढ़ उपखण्ड के भदूण गांव निवासी शहीद हेमराज जाट कश्मीर के राजौरी पूंछ सेक्टर में पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हो गए थे। हेमराज दो साल पहले ही भारतीय थल सेना में नियुक्त हुए थे। 23 वर्षीय हेमराज पूंछ-राजौरी में तैनात थे। चार भाइयों में सबसे छोटेशहीद हेमराज भदूण में सामली ढाणी निवासी भोलूराम व माता दाखा देवी की सबसे छोटी संतान थे। बड़े भाई पूराराम, रामेश्वर, गिरधारी, बंशी, गोपाल व बहन सोनी देवी के परिवार में वे सबसे छोटे थे। वह वर्ष 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए।

suresh bharti Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned