सर्वपितृ अमावस्या आज, पितरों को करेंगे तर्पण

श्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन सभी भूले-बिसरे पितरों के निमित्त तर्पण

By: baljeet singh

Published: 16 Sep 2020, 10:38 PM IST

अजमेर. सर्वपितृ अमावस्या गुरुवार को है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है। इस दिन पितरों के श्राद्ध का महत्व बहुत अधिक है।
हिन्दू धर्म में पितरों की तृप्ति के लिए सर्वपितृ अमावस्या को बहुत खास मानते हैं। कहते हैं कि जो भी व्यक्ति पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध ना कर पाए या किसी वजह से तिथि भूल जाए, उस व्यक्ति को सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध करना चाहिए। सर्वपितृ अमावस्या के दिन सभी भूले-बिसरे पितरों के निमित्त तर्पण किया जाता है। यह पितृपक्ष का आखिरी दिन होता है। सर्वपितृ अमावस्या की शाम को पितरों को विदा करने का विधान है। मिश्रा ने बताया कि सर्वपितृ अमावस्या को आश्विन अमावस्या, बड़ीमावस और दर्श अमावस्या भी कहा जाता है।

अधिकमास कल से

इस बार 18 सितंबर से अधिक मास शुरू हो रहा है। ये हर तीन साल में एक बार होता है। लेकिन, 19 साल बाद आश्विन अधिक मास है। यानी इस साल दो आश्विन मास होंगे। इसके पहले 2001 में ऐसा संयोग बना था। इस अधिक मास में कई दुर्लभ योग बन रहे हैं, जो वैभव वृद्धि करने वाले हैं। वैसे तो अधिक मास भगवान विष्णु और कृष्ण की आराधना का है, लेकिन आश्विन मास होने के कारण ये लक्ष्मी की कृपा पाने का भी महीना है। इस तरह ये महीना लक्ष्मी और विष्णु दोनों की आराधना का है।अधिक मास में धर्म कर्म का फल कई गुना प्राप्त होता है। इस मास में भागवत कथा, रामायण और गीता के पाठ तथा दान-धर्म विशेष फलदाई कहे गए हैं।

जप, तप, व्रत और दान का महीना
आश्विन मास की पूर्णिमा लक्ष्मी के पृथ्वी पर आगमन की मानी गई है। धर्म ग्रंथ कहते हैं अधिक मास में किया गया जप, तप, व्रत और दान अक्षय फल देते हैं। इनका पुण्य कभी खत्म नहीं होता है। इस महीने में विष्णु के साथ लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए किए गए उपाय भी अक्षय फल देते हैं। अधिक मास शुक्रवार से शुरू हो रहा है। इस दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र तीव्र फल देने वाला होता है। इस नक्षत्र में महीने की शुरुआत शुभ और शीघ्र फल देने वाली रहती हैं।

शुक्ल नाम का शुभ योग

अधिक मास में वैभव संबंधी कार्य तेजी से परिणाम देने वाले होंगे। उस समय शुक्ल नाम का शुभ योग भी रहेगा। ये योग अपने नाम की तरह प्रकाश और शीतलता देता है। इस महीने में सोने-चांदी से लेकर मशीन और वाहन खरीदने के कई मुहूर्त और शुभ योग बन रहे हैं।

baljeet singh Desk
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