कचरा निस्तारण के लिए दिल्ली जाकर किफायती तकनीक देखेगी टीम

नसीराबाद रोड स्थित डम्पिंग यार्ड में जमा कचरे के निस्तारण का मामला

स्मार्ट सिटी सीईओ चाहते हैं कम खर्च में हो अच्छा काम

By: bhupendra singh

Published: 14 Sep 2020, 11:35 PM IST

अजमेर. माखूपुरा नसीराबाद रोड डम्पिंग यार्ड में कचरा निस्तारण के लिए बनने वाले लीगसी वेस्ट प्लांट पर आने वाले खर्चें को कम करने के लिए दिल्ली जाकर किफायती तकनीक देखी जाएगी। जिला कलक्टर व स्मार्ट सिटी smart city के सीईओ ceo प्रकाश राजपुरोहित ने स्मार्ट सिटी अभियंताओं को यह निर्देश दिए हैं। जल्द ही स्मार्ट सिटी, नगर निगम तथा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) के अभियंता दिल्ली Delhi जाकर वहां के डम्पिंग यार्डों में कचरा निस्तारण के प्लांटों का निरीक्षण करेंगे। वहां अपनाई जा रही तकनीक को अजमेर में भी अपनाते हुए किफायती तकनीक से नसीराबाद रोड डम्पिंग यार्ड में जमा कचरे का निस्तारण किया जाएगा।

250 टन कचरे का उत्पादन

शहर में प्रतिदिन 250 टन कचरे का उत्पादन होता है। यह कचरा नसीराबाद रोड डम्पिंग यार्ड में वर्ष 1997 से डाला जा रहा है। 15 दिसम्बर 2019 तक डम्पिंग यार्ड में 3 लाख 60 हजार 542 क्यूबिक मीटर सॉलिड वेस्ट डाला गया। यहां इस कचरे को किसी भी तरह से प्रोसेस नहीं किया जाता, जिससे वह सड़ता रहता है और चारो तरफ बदबू फैली रहती है।

विवादों में रही निविदा प्रक्रिया
माखूपुरा डम्पिंग यार्ड में जमा कचरे के निस्तारण के लिए 14 करोड़ रुपए का लीगसी वेस्ट प्लांट लगाया जाना है। इसके लिए 7 फर्मों ने निविदाएं दाखिल की। स्मार्ट सिटी अभियंताओं ने 17 जून को 2020 को तकनीकी बिड खोली। लेकिन दो माह बीतने के बावजूद अभियंता और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेसी (पीएमसी) ने तकनीकी मूल्यांकन नहीं किया। ऑन लाइन प्रक्रिया के बावजूद स्मार्टसिटी के अभियंताओं ने ठेकेदारों को गोपनीय पत्र लिखकर ऑफ लाइन दस्तावेज मांग लिए। पत्रिका में मामला उजागर होने के बाद अभियंता बैकफुट पर आए। जिला कलक्टर ने मामला जांच के लिए एसीईओ खुशाल यादव को भेजा।

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bhupendra singh Reporting
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