प्रमोशन के बाद भी नहीं छूटा रिश्वत का मोह!

मुकदमे में राहत के नाम पर मांगी रिश्वत

By: manish Singh

Published: 23 Jul 2021, 02:30 AM IST

अजमेर.

सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नत होने और जोधपुर ट्रेनिंग सेंटर पहुंचने के बाद भी हैडकांस्टेबल सुनील कुमार ऊपरी कमाई का मोह नहीं छोड़ सका। वह परिवादिया को कॉल कर उसके खिलाफ दर्ज प्रकरण में राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग करता रहा। जबकि थाने से रिलीव होने के बाद ना तो वह थाने में था और ना ही उसके पास प्रकरण की जांच थी।
सुनील कुमार को विभागीय पदोन्नति के बाद 26 जून को रामगंज थाने से पुलिस लाइन के लिए रिलीव कर दिए जाने के बाद से ही उसकी थाने से संबद्धता खत्म हो गई थी। इसके बाद उसको पुलिस लाइन से जोधपुर ट्रेनिंग सेंटर में डेढ़ माह के प्रशिक्षण के लिए भेज दिया गया। लेकिन वह महिला के खिलाफ दर्ज चोरी के प्रकरण में आरोपी रही महिला से रिश्वत की रकम वसूली में अटका रहा। वह ट्रेनिंग सेंटर से भी महिला को कॉल कर राहत दिलवाने के नाम पर रिश्वत की मांग करता रहा। आखिर उसके दबाव से परेशान महिला ने जयपुर एसीबी में शिकायत कर दी।

...आगे जो भी होगा देख लेंगे

शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि सुनील कुमार लगातार उन्हें हैरान परेशान कर रहा था। वह जयपुर, अजमेर जब भी आए तो पैसे की डिमांड करता रहता था। उसने 21 जुलाई को रिश्वत की राशि दस हजार रुपए देने की हामी भरने के बाद भी यही कहा कि अभी दस हजार दे रहे हो। बाकि आगे फिर देख लेंगे।

ज्वैलरी चोरी का आरोप
शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि रिश्ते में भाभी कांता विश्वा चन्दवरदाई नगर में रहती है लेकिन ससुराल पक्ष से भी उसकी नजदीकियां है। उसकी ओर से उस पर लगाए चोरी के आरोप हैडकांस्टेबल सुनीलकुमार के अनुसंधान के लिए आने पर पता चला। कांता विश्वा ने उस पर जेवर चोरी का आरोप लगाया है।

manish Singh Reporting
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