अल्लाह के भरोसे विश्व विख्यात ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह, सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर यूं हो रहा मजाक

Sonam Ranawat

Publish: Mar, 14 2018 08:30:00 AM (IST)

Ajmer, Rajasthan, India
अल्लाह के भरोसे विश्व विख्यात ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह, सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर यूं हो रहा मजाक

विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा साहब की दरगाह की सुरक्षा सिर्फ पुलिस के कागजों में है।

 

अजमेर . विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा साहब की दरगाह की सुरक्षा सिर्फ पुलिस के कागजों में है। जहां दरगाह की सुरक्षा के लिहाज से लगाए उपकरण वर्षों से रखरखाव व बजट के अभाव में बंद पड़े है। वहीं सुरक्षाकर्मियों के सृजित पदों में महज 37 फीसदी ही ड्यूटी अंजाम दे रहे हैं। बाकि 'सुरक्षाÓ ऊपर वाले के भरोसे चल रहा है।

दरगाह परिसर में 2007 में बम ब्लास्ट के बाद केन्द्र व राज्य सरकार ख्वाजा साहब की दरगाह की सुरक्षा के दांवे कर रही हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर है। दरगाह सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ पुलिस महकमे के कागजों में सिमटी हुई है। आठ-आठ घंटे की तीन सिफ्ट में दरगाह सुरक्षा के लिए 126 पुलिस अधिकारी व जवानों के पद स्वीकृत है मगर अर्से से यहां सिर्फ 47 जवानों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी रहती है। बाकि को प्रदेश में भरने वाले मेले, धार्मिक कार्यक्रम में ही इस्तेमाल किया जाता है।

 

आधे से ज्यादा पद रिक्त
दरगाह सुरक्षा में 126 पुलिस अधिकारी में एक पद निरीक्षक का है। जो लम्बे समय रिक्त पड़ा है। ऐसे में यहां तैनात पुलिसकर्मियों की डयूटी पाइंट चैक करने का जिम्मा दरगाह वृत्ताधिकारी व थानाप्रभारी को सौंप रखा है। चार सहायक उप निरीक्षक के पद है सृजित लेकिन चारों ही पद खाली है। इसी तरह हैडकांस्टेबल, पुलिस के जवान व आरएसी के जवानों के पद भी रिक्त हैं।

बंद है सीसीटीवी कैमरे

दरगाह में सुरक्षा के लिए राज्य सरकार व दरगाह कमेटी की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। राज्य सरकार की ओर से लगवाए गए 20 हाईड्रोन सीसीटीवी कैमरे खराब हो चुके है। अधिकांश कैमरों की लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वहीं दरगाह कमेटी की ओर से दरगाह में लगाए 50 सीसीटीवी कैमरे चालू है। जिनकी निगरानी दरगाह थाने से की जा रही है।

पदनाम पद सख्या रिक्त/तैनात
इंस्सेक्टर- एक रिक्त

उप निरीक्षक एक बी.डी. शर्मा
एएसआई 4 चारों खाली

हैडकांस्टेबल 3 रिक्त
सिपाही 52 40 रिक्त

महिला कांस्टेबल 26 24 रिक्त
आरएसी के जवान 39 9 खालीकहां कितने जवान

1-निजाम गेट- सहायक उप निरीक्षक, 2 पुलिस के जवान, 2 महिला कानिस्टेबल, & आरएसी के जवान
2-कचहरी गेट(बाबुल शरीफ)- दो पुलिस के जवान व दो महिला कांस्टेबल

3-लंगरखाना-2 सिपाही, एक्स-रे मशीन ऑपरेटर, महिला कांस्टेबल, आरएसी जवान एक-एक
4-सरकी गेट-2 सिपाही, महिला कांस्टेबल, 2 आरएसी के जवान

5-छतरी गेट- 1 हैडकांस्टेबल, 2 सिपाही, एक महिला कांस्टेबल, 2 आरएसी के जवान
6-सोलखम्बा- 2 एक्सर-रे ऑपरेटर, 2 सिपाही, महिला कांस्टेबल व आरएसी के जवान एक-एक

7-झालरा- निगरानी के लिए दो आरएसी के जवान
नोट- आंकड़े जिला पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिकइनका कहना है

जायरीन की सुरक्षा के लिहाज से दरगाह सुरक्षा को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। दरगाह सुरक्षा में निर्धारित पदों पर जवान तैनात किए जाएंगे।
मालिनी अग्रवाल, आईजी अजमेर रेंज

सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी जांचने की जिम्मेदारी दरगाह थानाप्रभारी को है। मौजूदा स्टाफ से ही सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। हमेशा सुरक्षाकर्मियों की कमी रहती है।
ओमप्रकाश, वृत्ताधिकारी दरगाह

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