उधर गई जान. .इधर, श्रेय लेने को 'घमासान'!

बुजुर्ग दम्पती हत्याकांड : वारदात के खुलासे को लेकर आपस में ही उलझ रही पुलिस

By: manish Singh

Published: 03 Jul 2021, 02:46 AM IST

मनीष कुमार सिंह

अजमेर.

अपराधियों को पकडऩे में पुलिस द्वारा दिखाई जा रही 'तेजीÓ ही पुलिस महकमे में आपसी कलह का सबब बनती जा रही है। पुलिस में इनदिनों अपराधियों की धरपकड़ के पश्चात श्रेय लेने की होड़-सी मची हुई है। इसे लेकर ना केवल जिला स्पेशल टीम बल्कि अजमेर वृत्त दक्षिण में दरार गहराती जा रही है। मामला पुलिस के आलाधिकारियों तक भी पहुंच चुका है। उन्होंने इस पर रोक लगाते हुए हिदायत भी दी है। वहीं पुलिस अधीक्षक जगदीशचन्द्र शर्मा ने साफ कर दिया कि दोहरे हत्याकांड की गुत्थी टीमवर्क की बदौलत सुलझाई गई है। जिसका जितना काम है उसको उसके हक का ईनाम दिया जाएगा।

अपनी ढपली, अपना राग

अलवर गेट थाना क्षेत्र के गुलाबबाड़ी माली मौहल्ला में बुजुर्ग दम्पती की लूट के बाद हत्या की वारदात का खुलासा ग्यारह घंटे में करने के बाद जिला पुलिस में श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। जहां अलवरगेट थाना पुलिस का दावा है कि पहली सूचना के साथ पहले आरोपी को उन्होंने दबोचा उसके बाद ही जिला स्पेशल टीम और सर्किल के बाकी अधिकारी शामिल होते चले गए। वारदात के खुलासे बाद जिस तरह से बीते तीन दिन से सम्मान, फूलमाला का दौर चल रहा है उससे श्रेय को भुनाने की कोशिश की जा रही है।

पहली सूचना से उपजा विवाद!

वारदात में श्रेय को लेकर विवाद पहली सूचना से उपजा। जहां अलवर गेट थाने के सिपाही सुधीर ने दावा किया कि सबसे पहले उसने सीसीटीवी फुटेज में नजर आए तीन युवकों के नाम बताए। जबकि पुलिस कप्तान का कहना है कि डीएसडी के एएसआई जगमाल दायमा ने तीनों आरोपियों के नाम बताते हुए तलाश शुरू की। हालांकि धरपकड़ में सबसे पहले सुमेर सिंह को अलवर गेट थाने की टीम ने पकड़ा। उसके बाद दीपक उर्फ दीपू की बहन से वार्ता से लेकर लोकेशन ट्रेस करना व कल्याणीपुरा के निकट डीएफसीसी के नाले से आरोपियों की गिरफ्तारी में अलवर गेट व जिला स्पेशल टीम ने भागीदारी निभाई थी। जबकि कार्रवाई में क्लॉक टावर, रामगंज और आदर्शनगर थाना पुलिस को भी शामिल किया गया।

नौसिखिए निकले आरोपी

दोहरे हत्याकांड में नशेड़ी प्रवृति के साथ आरोपी दीपक उर्फ दीपू, सुमेर सिंह और दिव्यांश भाटी नौसीखिए निकले। पुलिस के आलाधिकारियों का भी मानना है कि घटना स्थल पर मिले हालात से पहले ही स्पष्ट हो गया था कि वारदात लूट के इरादे से नौसिखिए ने अंजाम दी है। यही वजह रही कि हत्यारे भागने के बजाए घटनास्थल के इर्दगिर्द मंडराते हुए छिपते-छिपाते रहे।

आठ का पहले विशेष योगदान

प्रकरण के खुलासे के वक्त ही एसपी ने विशेष योगदान देने वालों में डीएसटी टीम के एएसआई जगमाल, सिपाही रामबाबू शर्मा, रामनिवास, सुरेश चौधरी, अलवरगेट थाने के रज्जन सिंह, रामनरेश, सुधीर व बृजलाल को मानते हुए डीएसटी समेत वृत दक्षिण के चारों थानाप्रभारी समेत 21 जनों को शामिल किया था।

पीडि़त परिवार ने किया सम्मान

शुक्रवार को अलवर गेट थाना पुलिस की सम्मान की कड़ी में बुजुर्ग दम्पती के परिजन और क्षेत्रवासी थाने पहुंचे। वार्ड 55 के पार्षद रजनीश चौहान वपरिवार के सदस्य, विक्रमसिंह शेखावत, इन्द्रवीरसिंह, नितिन वर्मा, सन्नी ने थानाप्रभारी सुनिता गुर्जर व उनकी टीम का माल्यार्पण किया।

इनका कहना है...

दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश टीमवर्क की बदौलत हुआ है। आरोपियों की पहली सूचना डीएसटी के एएसआई जगमालसिंह ने दी। उसके कुछ देर बात उसी मुखबिर ने अलवरगेट थाने के सिपाही को सूचना दे दी। जिस पर अलवर गेट व डीएसटी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रिकॉर्ड समय में पकड़ा। श्रेय लेने या गुटबाजी जैसा कोई भाव नहीं है। जिसका जितना काम था और उसका जितना हक बनता है उसको दिया जाएगा। पुलिस में किसी भी तरह का अंतर्कलह नहीं है।

जगदीशचन्द्र शर्मा, पुलिस अधीक्षक

manish Singh Reporting
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