Ajmer News : दरगाह नहीं खुलने से हजारों पर रोजी-रोटी का संकट!

ajmer dargah news : विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा साहब की दरगाह कोरोना संक्रमण के कारण पिछले चार महीने से बंद है। इससे दरगाह के खादिमों सहित हजारों लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

By: Yuglesh kumar Sharma

Published: 27 Jul 2020, 01:44 AM IST

अजमेर. विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा साहब की दरगाह (dargah) कोरोना (corona) संक्रमण के कारण पिछले चार महीने से बंद है। इससे दरगाह के खादिमों सहित हजारों लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दरगाह कमेटी (dargah committee) और अंजुमन की तरफ से इस मुद्दे को जिला प्रशासन की बैठक में उठाया भी गया है। दरगाह बंद होने तक प्रभावित परिवारों को अनुग्रह राशि दिए जाने की भी मांग की गई है। लेकिन इस पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया। ऐसे में प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द दरगाह खुलने का इंतजार है।

दरगाह के आस-पास दरगाह बाजार, अंदरकोट, लंगरखाना गली, नला बजार, धानमंडी, फूल गली, लंगरखाना गली, पन्नीग्रान चौक, लाखनकोटड़ी, देहलीगेट, गंज आदि क्षेत्रों में सैकड़ों दुकानें, होटल, गेस्ट हाउस व पार्किंग स्थल आदि हैं। इन सभी का व्यवसाय और काम-धंधा दरगाह आने वाले जायरीन से ही चलता है। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन के साधन रिक्शा, टैम्पो चालक भी जायरीन पर ही निर्भर रहते हैं। पिछले चार माह से जायरीन की आवक बंद होने से इनका रोजगार ठप पड़ा है।

बाजार खुले, लेकिन दुकानें नहीं
अनलॉक में दरगाह क्षेत्र के बाजार भले ही खोल दिए गए, लेकिन बिना जायरीन के ग्राहकी नहीं है। ऐसे में दरगाह बाजार में गिनती की ही दुकानें खुली नजर आती हैं। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकी ही नहीं है तो दुकानें खोलकर भी क्या करें। ऐसे में कई दुकानदार मरम्मत आदि का कार्य करवा रहे हैं तो कई घरों पर ही रुके हुए हैं।

कमेटी सदर ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

दरगाह कमेटी अध्यक्ष अमीन पठान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिख कर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता मुहैया करवाए जाने का अनुरोध किया है। पत्र में बताया गया कि दरगाह बंद होने से खादिम और दरगाह से जुड़े हजारों परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में सरकार की तरफ से उनकी आर्थिक मदद की जानी चाहिए। पठान ने पिछले दिनों हुई जिला स्तरीय बैठक में प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग भी रखी थी।

अंजुमन सदर ने भी उठाया मुद्दा

अंजुमन सदर मोइन हुसैन चिश्ती ने भी पिछले दिनों हुई जिला स्तरीय बैठक में करीब 30 हजार परिवारों के समक्ष रोजी-रोजी का संकट खड़ा होना बताया था। उनका कहना था कि ऐसे में या तो दरगाह खोली जाए या फिर प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद दी जाए।

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Yuglesh kumar Sharma Reporting
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