Tonk : बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर नहीं लग पा रही रोक

हादसे दर हादसे, नहीं चेत रहा प्रशासन

dinesh sharma

February, 1512:13 AM

पीपलू ( टोंक )

न्यायालय के आदेश के बाद भी अवैध बजरी खनन और परिवहन पर रोक नहीं लग सकी है। प्रदेश में 16 नवंबर, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने बजरी खनन पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद जिलेभर में बड़े स्तर पर अवैध खनन हो रहा है।

जिले में प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार बैठकें लेकर बजरी खनन के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन पूरी तरह से रोकथाम अभी भी नहीं लग पा रही है। हालात यह हैं कि बजरी माफिया एसआईटी के साथ मौजूद खाकी को भी आंख दिखाने से नहीं चूकते हैं। जिले में प्रशासन एवं खाकी पर बजरी माफियाओं ने कई बार हमला बोला है।

एसआईटी की कार्रवाई का नहीं हैं असर

बजरी के अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर एसआईटी गठित हैं। सख्ती से कार्रवाई नहीं होने से माफियाओं में इसका असर दिखाई नहीं पड़ता है। माफियाओं के सुबह ट्रैक्टर पकड़े जाते हैं शाम तक जुर्माना भरकर वापस नदी में पहुंचकर बजरी भरकर परिवहन करना शुरू हो जाते हैं।

वाहन के आगे दौड़ती हैं रैकी बाइक, कार

बजरी खनन कर परिवहन करने वाले वाहनों को कार्रवाई से बचाने को लेकर रैकी बाइक, कार दौड़ते हैं। यह पुलिस एवं प्रशासन की अपडेट वाहन चालकों तक पहुंचाते रहते हैं। इस तरह बनास नदी से अवैध बजरी भरकर निकलने वाला वाहन विभिन्न थानों व चौकियों को पार करता हुआ राजधानी जयपुर तक पहुंचने में सफल हो जाता है।

पीपलू में डिप्टी ऑफिस तथा पुलिस थाना होने के बावजूद मुख्य बस स्टैंड, बगड़ी मार्ग, घाणा चौराहा, नाथड़ी रोड से दिनदहाड़े बेखौफ बजरी भरे वाहन दौड़ते नजर आते हैं। हालांकि पीपलू में पुलिस ने पिछले एक माह में अवैध बजरी में प्रयुक्त होने वाले सैकड़ों खाली वाहनों को पकड़ा है।

इन पर कौन लगाए लगाम

अवैध बजरी भरकर गांवों से गुजरने में कई जगह ग्रामीण भी मदद कर रहे हैं। कई गांवों में तो युवा मंडल तक गठित हो रखे हैं। जो अवैध बजरी परिवहन करने वाले वाहनों से पर्ची काटकर वसूली तक करते हैं। इस खेल को पत्रिका ने उजागर भी किया, लेकिन अभी तक समुचित कार्रवाई नहीं हुई है।

सड़कों का निकला दम

अवैध बजरी परिवहन कर धडल्ले से उपखंड क्षेत्र के मार्गों से गुजर रहे डंपर, ट्रेलर, ट्रैक्टर ट्रॉलियों से सड़कों की हालत भी खस्ता हो रखी है। बजरी के ओवरलोड वाहनों से सड़कों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। रानोली कठमाणा मार्ग की हालत तो ऐसी हो गई है कि 20 किमी के सफर में करीब 90 मिनट लग जाते हैं।

अवैध बजरी परिवहन से हो चुके हैं हादसे

31 जनवरी 2019 को अवैध बजरी भरकर जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली ने पीपलू उपखंड अधिकारी की कार को टक्कर मार दी थी। इससे पूर्व तत्कालीन एसडीओ अर्पिता सोनी की गाड़ी के आगे भी ट्रैक्टर लगा रास्ता रोकने की घटना हुई।

2 फरवरी 2020 को बगड़ी में एक तेज रफ्तार अवैध बजरी वाहन ने एक सांड को रौंद दिया था। वहीं कठमाणा में एक तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराकर नाली में जा घुसा था।

चौगाई में 11 फरवरी 2020 को एक ट्रेलर ने खंभे को टक्कर मार दी तथा मकान क्षतिग्रस्त हो गया।

वहीं 6 दिसम्बर 2019 को डोडवाडी में अवैध रूप से बजरी भरकर जा रहे एक ट्रैक्टर चालक ने बाइक सवार दंपती को टक्कर मार दी। बाइक सवार दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम भी लगाया था।

11 दिसम्बर 2019 को सोहेला में विद्युत तार से एक बिना नंबर का डंपर उलझ गया तथा तार सड़क पर बिखर गए और हनुमान जांगिड़ के बाहर वाला विद्युत पोल भी टूटकर सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि सड़क पर आवाजाही नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया।

18 दिसम्बर 2019 को उपखंड क्षेत्र के झिराना-नानेर मार्ग पर डंपर के बिजली के ढीले तारों के छू जाने से करंट दौड़ पड़ा। इससे उसके चालक की मौत हो गई।

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