Tradition: श्राद्ध पक्ष की शुरुआत, लोग करेंगे पितृों को याद

पितृों के तर्पण से घर-परिवार में समृद्धि-खुशहाली रहती है। परिवारों में बहन-बेटियों, रिश्तेदारों को भोजन भी कराने की परम्परा है।

By: raktim tiwari

Published: 02 Sep 2020, 06:28 AM IST

अजमेर.

पितृों की तप्ति के लिए श्राद्ध पक्ष की शुरुआत बुधवार से हो रही है। श्राद्ध पक्ष 17 सितंबर को पितृ मोक्ष अमावस्या तक रहेंगे। हालांकि कुछ लोगों ने मंगलवार को पूर्णिमा का श्राद्ध भी निकाला।

पितृ तर्पण और उनका आशीर्वाद लेने के लिए श्राद्ध पक्ष विशेष माने जाते हैं। इस दौरान ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है। परिवारों में खीर-पूड़ी, हलवा, पुए-पकौड़े, तुरई की सब्जी, मिठाई और अन्य पकवान बनाए जाते हैं। पंचग्रासी के तहत एक ग्रास गौ माता, दूसरा कौए, तीसरा श्वान, चौथा कीट-पतंग आर पांचवां जरूरतमंद व्यक्ति के लिए निकाला जाता है। श्राद्ध के दौरान पितृों के तर्पण से घर-परिवार में समृद्धि-खुशहाली रहती है। परिवारों में बहन-बेटियों, रिश्तेदारों को भोजन भी कराने की परम्परा है।

यूं चलेंगे श्राद्ध (कलैंडर के अनुसार)
2 सितंबर-प्रतिपदा, 3 सितंबर-दोपहर तक एकम और दो तिथि का श्राद्ध, 4 सितंबर-द्वितीय का श्राद्ध, 5 सितंबर-तृतीय, 6 सितंबर-चतुर्थी, 7 सितंबर-पंचमी, 8 सितंबर-छठी, 9 सितंबर-सप्तमी, 10 सितंबर-अष्टमी, 11 सितंबर-नवमी, 12 दिसंबर-दशमी, 13 सितंबर-एकादशी, 14 सितंबर-द्वादशी, 13 सितंबर-त्रयोदशी, 16 सितंबर-चतुदर्शी, 17 सितंबर-मोक्ष अमावस्या

इसके बाद अधिकमास

इस बार अधिकमास भी है। श्राद्ध के तत्काल बाद नवरात्र की शुरुआत नहीं होगी। यह योग 165 साल बाद आया है। श्राद्ध 17 सितंबर को पूरे होंगे। इसके बाद अधिकमास होगा। अक्टूबर में नवरात्र और नवंबर में दिवाली होगी।

raktim tiwari Reporting
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