Trap: 800 रुपए रिश्वत लेते पटवारी और उसका साथी ट्रेप

कई दिन फाइल रोककर बैठे रहा। परेशान होकर पीडि़त ने एसीबी से संपर्क किया। एसीबी ने शिकायत की तस्दीक की।

By: raktim tiwari

Published: 16 Sep 2020, 06:03 AM IST

अजमेर.

मदस विश्वविद्यालय के चर्चित घूसकांड के बाद जिले में फिर ट्रेप कार्रवाई हुई। एसीबी ने किशनगढ़ के निकटवर्ती सराना गांव के पटवारी और उसके साथी (दलाल)को 800 रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ ऊंटड़ा गांव निवासी ने शिकायत दी थी।

ऊंटड़ा गांव के मोहम्मद कदीर पुत्र इस्लामुद्दीन ने सराना गांव के पटवारी जसवंत सिंह से हक त्याग नामांतरण खुलवाने को लेकर संपर्क किया था। दस्तावेजों की जांच के बाद उसने पीडि़त से काम की एवज में 1500 रुपए मांगे। बाद में सौदा 800 रुपए में फिक्स हुआ। पटवारी कई दिन फाइल रोककर बैठे रहा। परेशान होकर पीडि़त ने एसीबी से संपर्क किया। एसीबी ने शिकायत की तस्दीक की।

रकम के साथ दबोचा
एसीबी ने डील और जगह फिक्स होने के बाद पीडि़त को रकम के साथ पटवारी जसवंत सिंह पुत्र छबीलाराम के पास पटवार भवन में भेजा। यहां पीडि़त ने जैसे ही 800 रुपए पटवारी को सौंपे, टीम मौके पर पहुंच गई। इस दौरान जसवंत ने घूस की रकम रामस्वरूप उर्फ बबलू पुत्र सोहनलाल को सौंप दी। एसीबी ने तत्काल पटवारी और उसके साथी को पकड़ कर घूस की राशि जब्त कर ली।

देर रात तक चली कार्रवाई
गेगल थाना में हल्का पटवारी जसवंत सिंह और दलाल के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रमेश मौर्य, पुलिस निरीक्षक मीरा बेनीवाल, हैड कांस्टेबल रामचंद्र, राजेश शर्मा, त्रिलोक सिंह कानसिंह और अन्य मौजूद रहे। अब एसीबी आरोपी और दलाल की सम्पत्ति और बैंक खातों को खंगालेगी।

मैं दे आया फाइल का पैसा, सर देंगे परमानेंट एफिलेशन..

अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के घूसकांड में निलंबित कुलपति आर. पी. सिंह, उसका दलाल रणजीत और उनके नेटवर्क में शामिल लोग बेखौफ होकर कॉलेज संचालकों से डील कर रहे थे। 15-20 हजार से लाखों रुपए की डील मोबाइल पर फिक्स होती थी। यह रिकॉर्डिंग और बातें एसीबी की एफआईआर में दर्ज है।

1 जुलाई 2020 को 4.01:12 बजे रणजीत सिंह के मोबाइल नंबर (7599347117) से राजेंद्र चौधरी के मोबाइल (9829084423) पर बातचीत हुई। इसमें राजेंद्र कहता है....पहले चार-पांच कॉलेज का पैसा एक लाख रुपए दिया था, जो कम ही नहीं किया। इस पर रणजीत कहता है...रजिस्ट्रार पैनल और सीट का एक लाख रुपए मांग रहा है, वो सब काम करा देगा। मैं दो फाइल का पैसा दे भी आया उसको....सर तो परमानेंट एफिलेशन देंगे.....।

raktim tiwari Reporting
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