ढलाईखाने के टैंक में जहरीली गैस से दो की मौत

माखुपुरा रीको इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्ी में हादसा, कारखाने के सुपरवाइजर व एक श्रमिक की मौत, एक श्रमिक अचेत

By: manish Singh

Updated: 08 Oct 2021, 02:17 AM IST

अजमेर. माखुपुरा रीको इंडस्ट्रियल एरिया में गुरुवार सुबह ढलाई कारखाने में पुराने टैंक से गुड़ निकालने के दौरान हुए जानलेवा हादसे में कारखाना सुपरवाइजर व एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रमिक अचेत हो गया। टैंक में गिरे श्रमिक और सुपरवाइजर को जेसीबी की मदद से टैंक तोड़कर निकाले जाने के बाद अस्पताल भेजे जाने पर चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया जबकि एक अन्य श्रमिक को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। आदर्शनगर थाना पुलिस ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। देर शाम तक फैक्ट्री संचालक, मृतकों के परिवार में मुआवजे को लेकर खींचतान चलती रही लेकिन नतीजा नहीं निकल सका।
पुलिस के अनुसार सुबह 9 बजे माखुपुरा रीको एरिया स्थित आशुतोष वक्र्स में काम शुरू होने पर श्रमिक उदयपुर हाल माखुपुरा निवासी राजेन्द्र पुराने टैंक से गुड़ लेने चला गया। गुड़ का लेवल काफी नीचे होने के चलते वह सीढ़ी के सहारे नीचे उतरा। टैंक में मौजूद गैस से राजेन्द्र अचेत होकर अन्दर ही गिर गया। उसको बचाने पहुंचे सुपरवाइजर भोपों का बाड़ा निवास मोहनलाल माली(55) भी पीछे-पीछे टैंक में नीचे उतर गया। मोहनलाल भी टैंक में उतरते ही बेहोश होकर अन्दर गिर पड़ा। पालरा निवासी श्रमिक कानसिंह भी हौद के मुहाने तक आया। भीतर देखा तो उसके होश उड़ गए। कानसिंह भी अचेत हो गया। यह नजारा देखकर देखकर कारखाने में हड़कम्प मच गया। सूचना मिलते ही आदर्शनगर थाना और आपदा प्रबंधन की टीम फैक्ट्री पहुंची। रेस्क्यू दल ने टैंक को जेसीबी से तोड़कर राजेन्द्र व मोहनलाल को बाहर निकालकर एम्बुलेंस से जेएलएन अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। सीओ (साउथ) मुकेश कुमार सोनी, आदर्शनगर थानाप्रभारी सुगनसिंह ने घटना स्थल का जायजा लेने के बाद कारखाने को सीज कर दिया। पुलिस ने मृतक मोहनलाल के बेटे हेमन्त की रिपोर्ट पर गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।

तीसरे श्रमिक की हालत गम्भीर

अचेत हुए श्रमिक कानसिंह ने अस्पताल में होश आने के बाद बताया कि पहले राजेन्द्र बाल्टी से गुड़ निकालने गया मगर गुड़ का लेवल नीचे था तो वह सीढ़ी से नीचे उतर गया। उसके गिरने पर सुपरवाइजर मोहनलाल बचाने उतरा। वह भी नीचे टैंक में गिर गया। इनके पीछे वह गया लेकिन टैंक के अन्दर देखने से ही बाहर अचेत हो गया। उसके बाद अस्पताल में ही होश आया।

जेसीबी से खोदा गड्ढा

वारदात के करीब 20 मिनट बाद पुलिस व राहत एवं बचाव दल ने जेसीबी से गढ्डा बनाकर उन्हें बाहर निकाला गया। जहां अचेत कानसिंह को पास के निजी अस्पताल पहुंचाया। वहीं राजेन्द्र, मोहनलाल को जेएलएन अस्पताल लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

बंद टैंक में थी जहरीली गैस

कानसिंह ने बताया कि ढलाई कारखाने में गुड़ का इस्तेमाल भट्टी में गलाए जाने वाले पुराने लोहे को साफ करने के लिए बजरी के साथ डालकर किया जाता है। गुरुवार को कारखाने में गुड़ का स्टॉक खत्म हो चुका था। ऐसे में पुराने टैंक में मौजूद गुड़ के इस्तेमाल के लिए राजेन्द्र को गुड़ लेने भेजा। लम्बे समय से बंद टैक में जहरीली गैस बनी हुई थी, जिससे जानलेवा हादसा पेश आया।

manish Singh Reporting
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