scriptTwo hundred and fifty children deprived of education in the district | जिले में शिक्षा से वंचित ढाई सौ बच्चे, जारी है इन्हें स्कूल की ओर मोडऩे की कवायद | Patrika News

जिले में शिक्षा से वंचित ढाई सौ बच्चे, जारी है इन्हें स्कूल की ओर मोडऩे की कवायद

- प्रवेशोत्सव के प्रथम चरण में आया सामने - जिले में 240 बच्चे कभी गए ही नहीं विद्यालय

शिक्षा विभाग के प्रवेशोत्सव के प्रथम चरण में सामने आया है कि प्रदेश के 33 जिलों में 7,779 बच्चे शिक्षा से वंचित चल रहे हैं। इनमें धौलपुर जिले के 259 बच्चे शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने इनको विभिन्न भागों में बांटते हुए अब शिक्षा से जोडऩे के आदेश दिए हैं।

अजमेर

Published: July 20, 2022 01:11:51 am

धौलपुर. शिक्षा विभाग के प्रवेशोत्सव के प्रथम चरण में सामने आया है कि प्रदेश के 33 जिलों में 7,779 बच्चे शिक्षा से वंचित चल रहे हैं। इनमें धौलपुर जिले के 259 बच्चे शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने इनको विभिन्न भागों में बांटते हुए अब शिक्षा से जोडऩे के आदेश दिए हैं। इस बात की पुष्टि शिक्षा विभाग के शाला दर्पण पोर्टल पर इंद्राज किए गए विभिन्न जिलों की रिपोर्ट में हुई है। जो बच्चे ड्रॉपआउट होने के बाद अभी विभाग की पकड़ में आए हैं, ऐसे बच्चों की संख्या 1904 हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक गौरव अग्रवाल ने हाल ही में सभी जिलों के मुख्य जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र लिख कहा है कि अनामांकित, ड्रॉपआउट व नवीन प्रवेशित बालक-बालिकाओं की प्रतिदिन प्रविष्टि की जाए। उन्होंने चिंता जताई कि कई जिलों में इस कार्य में उदासीनता अपनाई जा रही है। शाला दर्पण पर अंकित डेटा को ही फाइनल मानते हुए प्राप्त रिपोर्ट पर कार्रवाई होगी। वास्तवित स्थिति व शाला दर्पण की रिपोर्ट में अंतर पाया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिले में शिक्षा से वंचित ढाई सौ बच्चे, जारी है इन्हें स्कूल की ओर मोडऩे की कवायद
जिले में शिक्षा से वंचित ढाई सौ बच्चे, जारी है इन्हें स्कूल की ओर मोडऩे की कवायद
5585 बच्चे कभी स्कूल ही नहीं गए

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक पूरे प्रदेश में 5585 ऐसे बच्चे मिले हैं, जो कभी स्कूल गए ही नहीं। बीकानेर जिले में 1225 ऐसे सर्वाधिक बच्चे मिले हैं। इनमें 635 बालक और 590 बालिकाएं शामिल हैं। भीलवाड़ा में 597, कोटा जिले में 501, उदयपुर में 450 ऐसे बच्चे मिले हैं। चूरू जिले में ऐसी संख्या शून्य सामने आई हैं।
धौलपुर में मिले 240 बच्चे कभी नहीं गए स्कूल

धौलपुर जिले में 13 जुलाई तक की रिपोर्ट के मुताबिक प्रथम चरण के प्रवेशोत्सव में 240 ऐसे बच्चे पाए गए जो कभी स्कूल गए ही नहीं हैं। इनमें 113 बालक और 117 बालिकाएं हैं। कभी स्कूल नहीं जाने वालों में बालक-बालिकाओं की संख्या लगभग समान ही है। अब इन्हें शिक्षा से जोडऩे के प्रयास शुरू हो गए हैं।
19 बच्चे ड्रॉपआउट मिले

जिले में 19 बच्चे ऐसे मिले हैं जो स्कूल तो गए हैं लेकिन, विभिन्न कारणों से उन्हें पढ़ाई छोडऩी पड़ी। इनमें 9 बालक और 10 बालिकाएं हैं। इन्हें भी शिक्षा से जोडऩे की कवायद शुरू हो गई है।
दो चरणों में अभियान

शिक्षा विभाग की ओर से प्रवेशोत्सव अभियान दो चरणों में चलाया जा रहा है। पहला 30 जून तक चलाया गया। इस दौरान अध्यापकों की ओर से हाउसहोल्ड सर्वे के साथ ही बच्चों को चिह्नीकरण किया गया। इसके साथ ही 1 से 16 जुलाई तक नामांकन अभियान चलाया गया। अभियान का दूसरा चरण 24 से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। इसमें शेष रहे बच्चों के लिए चिह्नीकरण के लिए फिर से हाउसहोल्ड सर्वे किया जाएगा। इसके बाद 1 से 16 अगस्त तक नामांकन अभियान चलाया जाएगा।
यह है उद्देश्य

प्रवेशोत्सव अभियान का उद्देश्य यह है कि आंगनबाड़ी व स्कूल जाने योग्य कोई भी बालक-बालिकाएं अनामांकित नहीं रहे। इसके लिए ही विद्यालय स्तर पर 3 से 18 वर्ष के समस्त बच्चों का रिकॉर्ड संधारित किया जा सके। इसके साथ ही अभियान के दौरान शत-प्रतिशत नामांकन, ठहराव एवं शून्य ड्रॉप आउट वाली ग्राम पंचायतों को उजियारी पंचायत से सम्मानित किया जाएगा।
इनका कहना है

जिले में शिक्षा से वंचित हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रयास जारी हैं। कुछ ड्रॉपआउट्स व कभी स्कूल नहीं जाने वाले बच्चे मिले हैं। इन्हें शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।
- मुकेश गर्ग, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, धौलपुर

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