पैंथर ने किया 38 भेड़ बकरियों का शिकार

बाड़े में बंधी बकरियों पर किया हमला, बकरियों के मिमियाने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीण, ग्रामीणों ने की टार्च से रोशनी तो दीवार फांदकर भागते नजर आए दो पैंथर

By: dinesh sharma

Published: 12 Feb 2021, 12:53 AM IST

मसूदा ( अजमेर ).

समीपवर्ती ग्राम राजोरिया का बाडिय़ा में बुधवार देर रात्रि एक बाड़े में बंधी भेड़-बकरियों पर दो पैंथरों ने हमला कर दिया। इससे 38 भेड़-बकरियों की मौत हो गई। एक साथ इतने मवेशियों की मौत से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।

ग्रामीणों ने बताया कि राजोरिया का बाडिय़ा में बुधवार देर रात्रि दो पैंथर करीब छह-सात फीट ऊंची दीवार को फांद कर बाड़े में घुस गए। उन्होंने यहां भेड़ बकरियों पर हमला कर दिया। इससे करीब 35 भेड़ बकरियों एवं एक मेमने की मौके पर ही मौत हो गई।

इस दौरान बकरियों के मिमियाने की आवाज सुनकर पास ही घर में सो रहे ग्रामीण बाड़े में पहुंचे। मौके पर अंधेरा होने से उन्होंने बैटरी से रोशनी की तो बाड़े से दो पैंथर भागते नजर आए। इस दौरान बाड़े में भेड़ों के क्षत-विक्षत शव नजर आए।

इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने गुरुवार को वन विभाग को मामले की जानकारी दी। इस पर सरपंच नरेन्द्र विक्रम सिंह राठौड़, वन विभाग के रेंजर समेत अन्य वनकर्मी मौके पर पहुंचे।

टीम ने बाड़े समेत आस-पास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। पशु चिकित्सक माने अंकुश भी मौके पर पहुंचे और भेड़ बकरियों का पोस्टमार्टम किया। वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी संख्या में भेड़ बकरियों की मौत से ग्रामीण की हालत दयनीय हो गई। इन भेड़ बकरियों के जरिए ही पशुपालक अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था।

मवेशियों की सुरक्षा की सता रही चिंता

राजोरिया का बाडिय़ा में गत रात्रि बाड़े में बंधी भेड़ बकरियों पर पैंथर के हमले से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों को अपने मवेशियों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अधिकांश बाड़े खुले स्थान पर हैं।

यहां बाड़ों की सुरक्षा को लेकर कोई उपाय नहीं किए गए हैं। ऐसे में मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों में दहशत का आलम यह है कि मवेशियों को जंगल में चराने को लेकर भी कन्नी काटने लगे हैं। इससे मवेशी दिनभर बाड़े में ही रहने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने राजोरिया का बाडिय़ा में करीब तीन माह में दो से अधिक बार पैंथर को देखने का दावा किया है। एक बार पैंथर एवं उसके दो शावक गांव के पास स्थित एक कॉलोनी में घुस गए।

कॉलोनीवासियों के शोर मचाने पर पैंथर एवं शावक मौके से भाग गए। इसके बाद वन विभाग ने आनन-फानन में मौके पर पिंजरा भी लगाया, हालांकि कुछ दिन पिंजरे में कोई जानवर नहीं आया तो उसे हटा दिया गया।

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