फूस की कोठी में भू-माफिया माफिया बेच रहे जमीनें

अवैध बेचान को रोकने व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए यूओ नोट जारी

एडीए तक पहुंची शिकायत,शुरु हुई कार्यवाही
अवैध बेचान को रोकने व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए यूओ नोट जारी

By: bhupendra singh

Published: 07 Sep 2020, 07:02 AM IST

अजमेर. सीआरपीएफ ब्रिज के पास अजमेर विकास प्राधिकरण की बेशकीमती जमीन भू-माफिया मलबा भूमि बताकर बच रहे हैं। इसके लिए 500 रुपए के स्टाम्प पर लिखापढ़ी कर खुद के स्तर पर दस्तावेज तैयार कर खरीदने वाले को दिया जा रहा है। योजना के खसरा नम्बर 3658,3659 की भूमि के अवैध बेचान की शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण ने अवैध बेचान रोकने तथा दोषी के खिलाफ कार्यवाही शुरु कर दिया है। इसके लिए प्राधिकरण की विधि अधिकारी ने यूओ नोट जारी किया है। प्राधिकरण के अनुसार प्रार्थी मोहम्मद शहजाद ने योजना के खसरा नम्बर 3658,3659 की भूमि पर कृष्ण कुमार जोशी द्वारा प्राधिकरण की पटवारी के साथ मिलकर अतिक्रमण करने और अवैध बेचान को संरक्षित करने तथा धमकाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने ‘मलबा बेचाननामा’500 रुपए के स्टाम्प पर भी प्रस्तुत किया है। प्राधिकरण की जांच में प्रथमदृष्टया यह अचल सम्पत्ति के हस्तांतरण सम्बन्धी दस्तावेज प्रतीत होता है। इसके मूल्यांकन के लिए उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुदांक को भेजा गया है।
यह है प्राधिकरण की प्लांनिंग

अजमेर विकास प्राधिकरण फूस की कोठी योजना के खसरा नम्बर 3658 में अफोर्डेबल हाउसिंग योजना लांच करने की तैयारी में है। बोर्ड बैठक में इसका अनुमोदन करते हुए ले-आउट भी पास किया गया है। अतिक्रमण हटाते हुए तारबंदी भी की गई है।
न्यायालय खारिज कर चुका है मुकदमें

फूस की कोठी योजना में अपना दावा जताने वाली एक सोसायटी तथा प्राधिकरण के बीच मुकदमेबाजी भी हो चुकी है। अजमेर की निचली अदालत में 2,उच्च न्यायायल में 5 केस उच्चन्यालय में निस्तारित हो चुके हैं। इसमें प्राधिकरण को कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

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bhupendra singh Reporting
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