हंगामा : पार्षदों ने बांहें चढ़ाई, आंखें तरेरी और तानी मुठ्ठी

नगर परिषद चूरू की साधारण सभा की बैठक,बैठक के एजेंडे में शामिल तीन को छोड़ सभी प्रस्ताव बहुमत से पारित,पक्ष-विपक्ष के पार्षदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से गर्माया माहौल

By: suresh bharti

Published: 24 Jul 2020, 07:41 AM IST

अजमेर/चूरू. नगर परिषद चूरू की बैठक काफी हंगामेदार रही। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तकरारें होती रही। कई बार पार्षद तैश में भी आए और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। कुछ पार्षद अपनी कुर्सी से ऊठकर लॉबी में आने लगे। पार्षदों ने बांहे चढ़ा ली और गुस्से में आंखें तरेरी। एक-दूसरे को देख लेने चुनौती भी दी गई। इस दौरान पुलिस ने समझाइश की। नगर परिषद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पहले ही पुलिस बुला ली थी। बैठक के एजेंडे में शामिल तीन को छोडक़र सभी प्रस्ताव बहुमत के साथ पारित हो गए।

नगर परिषद बोर्ड की यह दूसरी बैठक थी। सभापति पायल सैनी और ईओ द्वारका प्रसाद ने प्रस्ताव पारित होने के बाद मौके की नजाकत देखते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा कर दी। गनीमत रही जिस मुद्दे पर बाहें चढ़ीं, वह एजेंडे का अंतिम बिंदु था। लिहाजा बैठक समाप्ति की घोषणा पर किसी को आपत्ति भी नहीं हुई। बाद में माहौल भी नरम हो गया।

बैठक स्थगित करने की मांग ठुकराई

बैठक की शुरुआत में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि देने के बाद भाजपा पार्षदों ने बैठक स्थगित करने की मांग की, जिसे सभापति और ईओ ने ठुकरा दिया। भाजपा पार्षद लिखमीचंद प्रजापति ने किसी भी मामले पर मौका मुआयना करने के बाद ही मौके पर निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने पर जोर दिया। पार्षद राकेश दाधीच ने कहा कि अक्सर स्वीकृति के पहले ही काम शुरू करने की प्रवृत्ति को रोका जाए। इस पर सभापति ने उनकी बात मान ली।

एकल निविदा पर उठे सवाल

पुलिस लाइन से पंखा सर्किल तक पानी निकासी के एक प्रोजेक्ट पर एकल निविदा आने पर आपत्ति दर्शाई गई। इस पर ईओ ने कहा कि तीन बार टेंडर के बाद भी एकल निविदा आई है, तो क्या किया जाए। ईओ ने यह भी चेताया कि अगर काम जल्दी शुरू नहीं हुआ तो गाजसर और एसटीपी के लिए आई राशि के जैसे ही दो करोड़ की यह राशि भी लैप्स हो सकती है। इस पर दोनों ही दलों के पार्षदों ने अगली बैठक में इस एजेंडे को प्रस्तुत करने पर सहमति बनी।

इस पर भी उठे सवाल

सभापति और ईओ में पावर निहित होने से संबंधित एक एक्ट पर चर्चा के दौरान पार्षद घनश्याम अलवारिया ने सवाल उठाया कि सारे अधिकार सभापति और ईओ में निहित हो जाते हैं तो जनप्रतिनिधि के होने का क्या मतलब रह जाता है। इसे लेकर विरोध बढऩे लगा तो सभापति ने आश्वस्त किया कि इस पर आपका विरोध दर्ज कर लिया जाएगा।

फिलहाल यूजर चार्ज वसूली से आवासीय को छूट

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नाम पर यूजर चार्जेस वसूली की बात पर पार्षदों ने वर्तमान कोरोनाकाल में ऐसा अर्थ भार डालने पर आपत्ति जताई। ईओ ने कहा कि यह सब परिषद की आय बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। इस पर विवाद बढ़ते देख इसमें आवासीय कचरा पर शुल्क से फिलहाल राहत देने की बात सभापति ने मान ली। दुकानों, होटलों तथा व्यावसायिक भवनों से मासिक यूजर चार्ज लिए जाने संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए।

...जब चढ़ गई बाहें

एजेंडे के अंतिम बिंदू पर चर्चा के दौरान पार्षद मोहम्मद अली ने जमीन का पट्टा खुद के नाम होने की बात कहते हुए इसे नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया। इस पर भाजपा पाषद घनश्याम अलवरिया और अन्य की ओर से आपत्ति जताई तो मोहम्मद अली ने गुस्से में अलवारिया को चुप रहने को कहा। इसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि अलवरिया-मोहम्मद अली एक-दूसरे की ओर बढ़े। साथी पार्षदों और सुरक्षा बलों ने उन्हें अलग किया। बैठक के दौरान कई बार माहौल गर्माया। पार्षद आरोप लगाते रहे।

झूंठी पानी की बोतलें वितरित

बैठक के दौरान अल्पाहार परोसने के साथ ही पानी की छोटी-छोटी बोतलें बांटी गईं। बोतलें कम पड़ गईं, तो व्यवस्था में लगे कार्मिकों ने उन्हीं बोतलों में ठंडा पानी भरकर वितरित करना शुरू कर दिया। किसी ने सभापति का ध्यान इस ओर दिलाया, तो उन्होंने तुरंत अपने निजी गार्ड को भेजकर बोतलें बंटवाना रुकवाया। बाद में उन्होंने माना कि यह गलत हुआ। वह इसके लिए सम्बन्धित से जवाब तलब करेंगी। उन्होंने कहा कि वैसे भी प्लास्टिक की बोतलों में पानी पर हमने पाबंदी लगा रखी है, लेकिन पिछली बैठक में बोतलबंद पानी की मांग उठी थी। शायद इसलिए यह व्यवस्था की गई थी।

अंदर सभापति, बाहर हंगामा

बैठक के एजेंडे में शामिल बिंदु नंबर 12 को सदन के अंदर रद्द कर दिए जाने से गुस्साए पार्षद पति सीताराम खटीक ने सभापति कक्ष के बाहर खूब हंगामा किया। वह जोर-जोर से बोलते रहे। इसी दौरान सभापति अपने कक्ष से उठकर रवाना हो गईं। उसके बाद खटीक वहां से हटे।

इन्होंने लिया चर्चा में हिस्सा

पार्षद युसुफ खान मोयल, अनवर थीम, अनीश खान, शाहरुख खान, विनोद खटिक, राजकुमार सारस्वत, नेता प्रतिपक्ष विमला गढवाल, अंजनी शर्मा, चंद्रप्रकाष सैनी, लिखमीचन्द प्रजापत, घनश्याम कलवारिया आदि पार्षदो ने चर्चा में भाग लिया। बैठक में सभापति पायल सैनी, उपसभापति नसीम निशां, आयुक्त द्वारका प्रसाद, पीआरओ किशन उपाध्याय और 64 पार्षद शामिल रहे। संचालन प्रशासनिक अधिकारी सीताराम मीणा ने किया।

suresh bharti Desk
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