scriptVehicles running without taxi permit, risk of life of passengers | बिना टैक्सी परमिट दौड़ते वाहन, सवारियों की जान का जोखिम | Patrika News

बिना टैक्सी परमिट दौड़ते वाहन, सवारियों की जान का जोखिम

क्राइम एण्ड सेफ्टी मैपिंग :

 

अजमेर

Updated: December 07, 2021 02:31:40 am

मनीष कुमार सिंह

अजमेर. धार्मिक नगरी में आने वाले पर्यटक व जायरीन जान जोखिम में डालकर अवैध रूप से चलने वाले टैक्सी वाहनों में धार्मिक व पर्यटन स्थल की यात्रा कर रहे हैं। धड़ल्ले से बगैर टैक्सी परमिट के चलने वाली अवैध टैक्सियों का ना तो परमिट है ना बीमा। कमाई के फेर में अवैध टैक्सी संचालक सरवाड़, पुष्कर और तारागढ़ के जोखिम भरे रास्ते में सफर करवाकर जायरीन व पर्यटकों की जान सांसत में डाले हुए हैं। खास बात यह है कि यह सबकुछ परिवहन विभाग और पुलिस के सामने चल रहा है।
बिना टैक्सी परमिट दौड़ते वाहन, सवारियों की जान का जोखिम
बिना टैक्सी परमिट दौड़ते वाहन, सवारियों की जान का जोखिम
रोजाना हजारों की संख्या में जायरीन अजमेर आते हैं जो दरगाह जियारत के बाद तारागढ़, सरवाड़ शरीफ, ब्रह्मा नगरी पुष्कर व सांभर दरगाह जाते हैं। ऐसे में पर्यटक धार्मिक स्थलों तक का सफर टैक्सी, रोडवेज बसों में नहीं कर डिग्गी चौक, अन्दर कोट और देहलीगेट से चलने वाले अवैध निजी रजिस्ट्रेशन नम्बर के वाहनों में करते हैं। इन वाहनों में सफर से जान के जोखिम के साथ ही वाहन चालकों व लपका गिरोह की मनमानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में कई मर्तबा अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
हो चुके हैं हादसे
2 अक्टबूर- पंजाब के जायरीन से भरा ट्रक दरगाह नई सड़क पर अन्दर कोट क्षेत्र में ढलान पर पलटा। दो जायरीन की मौत व करीब 40 से ज्यादा जख्मी हुए।

10 नवम्बर- नसीराबाद लोहरवाड़ा के निकट कोटा-अजमेर राजमार्ग पर जायरीन से भरी वैन ट्रेलर से टकराई। राजकोट के जायरीन युवक व वैन चालक की मौत।
यहां से चल रहे अवैध वाहन
150 वैन-डिग्गी चौक

80-अन्दर कोट, ढाई दिन का झोपड़ा
50-देहली गेट लौंगिया-फंव्वारा सर्किल

04-सरवाड़, तारागढ़ दरगाह, पुष्कर व सांभर दरगाह जाते हैं
03 थाने-तीनों टैक्सी स्टैण्ड क्लॉक टावर, दरगाह व गंज थाना क्षेत्र में
पब्लिक स्पीक

सामान्य व टैक्सी रजिस्ट्रेशन में ज्यादा अंतर नहीं है। टैक्सी परमिट में प्रतिवर्ष फिटनेस, इंश्योरेंस व स्टेट परमिट टैक्स देना पड़ता है। इंश्योरेन्स भी यात्री क्षमता के अनुसार होता है। अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए वाहन मालिक प्राइवेट नम्बर से टैक्सी में वाहन चलाते हैं। सामान्यत: निजी वाहनों को रोका नहीं जाता है। निजी वाहन में सवारियों का दुर्घटना क्लेम जीरो माना जाता है।
राजेश जोशी, बीमा सलाहकार
इनका कहना है

बिना परमिट चलने वाली अवैध टैक्सी रोकने के लिए संबंधित थाना व यातायात पुलिस के साथ अभियान चलाया जाएगा।
विकास शर्मा, पुलिस अधीक्षक

निजी नम्बर की तर्ज पर टैक्सी परमिट में भी वन टाइम टैक्स लिया जाता है। प्राइवेट नम्बर के वाहन टैक्सी में पकड़े जाने पर सालभर का टैक्स वसूला जाता है। समय-समय पर कार्रवाई की जाती है।
राजीव शर्मा, जिला परिवहन अधिकारी अजमेर

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