
video : अजमेर दरगाह में बड़ी कार्रवाई: सात बच्चों को कराया मुक्त
अजमेर. ख्वाजा साहब की दरगाह में बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सात बच्चों को मुक्त कराया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। मुक्त कराए गए बालकों को चाइल्ड लाइन के जरिए बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया है।
राजस्थान पत्रिका ने गुरुवार के अंक में 'दरगाह में हो रहा बाल श्रम, आंखें मूंदे बैठे जिम्मेदारÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर ख्वाजा साहब की दरगाह में बाल श्रम का खुलासा किया। इस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने दरगाह थाना अधिकारी दलबीर सिंह को कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान और डॉ. प्रियंका रघुवंशी के निर्देशन में टीम का गठन कर कार्रवाई की गई।
15 घंटे काम, मामूली दाम
पूछताछ में बालकों ने पुलिस को बताया कि कुछ सुबह 6 से रात 9 बजे तक तो कुछ सुबह 7 से रात10 बजे तक काम करते हैं। बीच में उन्हें केवल खाना खाने का समय मिलता है। दरगाह में दुकानों पर काम करने वाले बच्चे बिहार, बंगाल आदि प्रदेश के हैं। बताया जा रहा है कि इन्हें 15 घंटे काम के बदले 150 से 300 रुपए तक मेहनताना मिलता है।
बंधुआ मजदूरी तो नहीं!
पुलिस इस दिशा में भी काम कर रही है कि कहीं बच्चाें से बंधुआ मजूदरी तो नहीं करवाई जा रही। दरगाह थाना अधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि इस बारे में भी अनुसंधान किया जाएगा।
पुलिस ने जारी की चेतावनी
पुलिस ने कार्रवाई के बाद चेतावनी भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे में दरगाह या दरगाह क्षेत्र सहित शहर में बाल श्रम का मामला सामने आया तो भादंस की धारा 374 और जेजे एक्ट की धारा 79 के तहत कठोर दण्डनीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह रहे टीम में शामिल
कार्रवाई में थाना अधिकारी दलबीर सिंह, एसआई दुर्गेश कुमार, सिपाही प्रेमा राम, धर्मेन्द्र, भरत, रामदत्त, ममता व रंजू शामिल रहे।
Updated on:
25 Mar 2022 04:12 pm
Published on:
25 Mar 2022 04:12 pm
