अजमेर में लोगों को रास नहीं आ रहा अनुशासन पखवाड़ा, बाजार में भीड़,दुकानें खुल रही,सोशल डिस्टेंस ना मास्क की फिक्र

अजमेर जिले में दो दिन के कफ्र्यू के बाद इसकी अवधि बढ़ा दी,सिर्फ इसका नाम अनुशासन पखवाड़ा रखा,लेकिन सरकारी गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही है,प्रशासन की सख्ती भी बेअसर

By: suresh bharti

Published: 21 Apr 2021, 12:00 AM IST

ajmer अजमेर. जिले के केकड़ी, ब्यावर,मसूदा, रूपनगढ़, सरवाड़, नसीराबाद, भिनाय व मसूदा में जन अनुशासन पखवाड़े को लोग नहीं मान रहे। यह एक तरह से कफ्र्यू है, लेकिन बाजार में लोगों की भीड़ है। दुकानें भी खुल रही है। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी बाजार में आते ही दुकानों के शटर गिरा दिए जाते हैं। इनके जाने के बाद दुकानदार फिर से प्रतिष्ठान खोल रहे हैं। वैसे जिले में कोरोना के हालात खराब है, लेकिन लोग लापरवाही बरत रहे हैं। हालाकि मंगलवार को पुलिस ने काफी सख्ती दिखाई, लेकिन लोग लापरवाह दिखे। कमोबेश अजमेर जिला मुख्यालय भी ऐसी ही स्थिति है।

पुलिस का रुख नरम

जन अनुशासन पखवाड़े के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकले। वहीं मंगलवार को पुलिस का रुख भी नरम ही रहा। पुलिस की ओर से सुबह-शाम नाके लगाकर बेवजह निकलने वालों के चालान बनाए गए। लोग इसे लेकर खासे परेशान नजर आए। उनका तर्क था कि पुलिस चेहरा देखकर चालान की कार्रवाई कर रही है।

पुलिस नाकों पर पूछताछ

मंगलवार सुबह लोग रोजाना की तरह अस्पताल, मेडिकल स्टोर व टीका लगाने के अलावा दूध, सब्जी खरीदने के बहाने निकले। ऐसे लोगों को सुबह और शाम के समय पुलिस के फिक्स नाकों पर पूछताछ का सामना करना पड़ा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सीताराम प्रजापति, सीओ नॉर्थ प्रियंका रघुवंशी, सीओ साउथ मुकेश सोनी, सीओ दरगाह रघुवीर प्रसाद शर्मा ने नाकों पर बाहर निकले लोगों से सख्ती से पूछताछ की। संतोषजनक जवाब नहीं होने व दस्तावेज ना होने पर पुलिस ने चालान व वाहन जब्ती की कार्रवाई की।

लगी वाहनों की कतार

पुलिस की ओर से वैशालीनगर माकड़वाली तिराहा, आनासागर लिंक रोड पर सुबह शाम वाहनों की लम्बी कतार लगी रही। यहां पुलिस की सुबह-शाम की सख्ती में कई वाहन चालकों को चालान भी झेलना पड़ा। इससे लोग खासे नाराज नजर आए। उनका तर्क था कि पुलिस के आदेश स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस चेहरा देखकर चालान की कार्रवाई कर रही है।

खुलीं मिठाई की दुकानें

हलवाई व मिष्ठान भंडार को लेकर आदेश स्पष्ट नहीं होने से मंगलवार को भी शहर में हलवाई की दुकानें खुली। लोगों ने खरीदारी भी की। इसे लेकर कई व्यापारियों ने नाराजगी जाहिर की। इन दिनों सावे का सीजन है। ऐसे में कपड़े और ज्वैलरी व्यापार पर जन अनुशासन पखवाड़े की मार पड़ रही है।

फल-सब्जी के ठेलों पर सोशल डिस्टेंस का मजाक

राज्यव्यापी कफ्र्यू के तहत मंगलवार को लोग दूध, सब्जी और जरूरी सामान खरीदने दुकानों, डेयरी पर पहुंचे। कई जगह सोशल डिस्टेंसिंग दिखी तो कहीं नदारद रही। उधर, पुलिस ने बेवजह घूमते लोगों को लोगों को सख्ती से वापस भेजा। कई वाहन चालकों के चालाना भी काटे गए।राज्य सरकार ने 3 मई सुबह 5 बजे तक कफ्र्यू घोषित किया है।

सोमवार को शहर में कई स्थानों पर अव्यवस्थाएं दिखी थीं। मंगलवार को भी सडक़ों पर वाहन दौड़ते नजर आए। सुबह सुभाष नगर, आदर्श नगर, नसीराबाद रोड, नगरा, धौलभाटा, वैशाली नगर, पंचशील और अन्य इलाकों में लोग किराना दुकानों पर जा पहुंचे। इसके अलावा फल-सब्जी के लिए भी कई जगह हुजूम देखा गया।

कहीं सोशल डिस्टेंसिंग तो कहीं लापरवाही

दुकानों-ठेलों पर खरीदारी के दौरान लोग सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखे हुए हैं, लेकिन कई इलाकों में इसकी अवहेलना हो रही है। कई दुकानों पर खरीददारी के दौरान लोग नजदीक ही खड़े होते दिखे। पुलिस ने समझाइश कर लोगों को दूर-दूर खड़ा किया। फल-सब्जी के ठेले पास-पास खड़े रहे। विक्रेता और खरीदार सरकारी गाइडलाइन की पालना नहीं कर रहे थे।

वाहन लॉक, फटकारने पड़ रहे डंडे

बेवजह वाहनों पर घूमने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती कर रही है। कई जगह पुलिस ने वाहन लॉक कर चाबी जब्त की। निर्देशों की पालना नहीं करने वालों के चालान बनाए जा रहे हैं। लॉकडाउन की अवहेलना करने वालों पर डंडे फटकारने पड़े हैं।

suresh bharti Desk
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