वायरल-डेंगू का गठजोड़, अस्पताल में क्षमता से तीन गुना भर्ती

चिकित्सक खुद असमंजस में, वायरस के म्यूटेंट होने का अंदेशा - 300 रोगियों की है क्षमता, 900 से अधिक मरीज भर्ती

जिले में वायरल तथा डेंगू बुखार के गठजोड़ का असर है कि जिला चिकित्सालय में मरीजों का आंकड़ा क्षमता से तीन गुना पहुंच गया है। जबकि नर्सिंग स्टाफ तथा चिकित्सकों की संख्या 300 बेड के मुताबिक ही बरकरार है। ऐसे में स्टाफ पर भी तीन गुना भार गया है।

By: Dilip

Published: 14 Oct 2021, 01:24 AM IST

धौलपुर. जिले में वायरल तथा डेंगू बुखार के गठजोड़ का असर है कि जिला चिकित्सालय में मरीजों का आंकड़ा क्षमता से तीन गुना पहुंच गया है। जबकि नर्सिंग स्टाफ तथा चिकित्सकों की संख्या 300 बेड के मुताबिक ही बरकरार है। ऐसे में स्टाफ पर भी तीन गुना भार गया है। गंभीर बात तो यह है कि वायरल और डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। सितम्बर माह की शुुरुआत में जहां भर्ती मरीजों की संख्या रोज 300 से 350 के बीच थी, वहीं सितम्बर के अंतिम सप्ताह में दोगुनी होकर 600 से 650 तक आ गई, लेकिन अक्टूबर के पहले पखवाड़े में ही भर्ती मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में जिला चिकित्सालय में तीन गुना मरीज भर्ती चल रहे हैं।

बेड तो दूर, जगह भी तलाश करनी पड़ रही
जिला चिकित्सालय में इनडोर वार्डों में भर्ती मरीजों की संख्या के कारण नए मरीजों के लिए बेड मिलना तो दूर की बात, उपचार के लिए भी खाली जगह भी तलाश करनी पड़ती है। इसके चलते कई रोगियों को बेंच, तो किसी को काउंटर तो किसी को बिठा कर ही बोतल लगा दी जाती है। यह स्थिति तो तब है, जब अस्पताल में 300 बेड के मुकाबले 566 बेड लगाए हुए हंै। वहीं, जिला चिकित्सालय में आउटडोर तो 2500 से 3 हजार के बीच पहुंच रहा है।

दस दिन तक नहीं जा रहा बुखार
जिले में वायरल के मरीज तो लगातार बढ़ ही रहे हैं, वहीं डेंगू मरीजों में भी इजाफा हो रहा है। जिले में अभी तक करीब 350 डेंगू मरीज सामने आ चुके हंै। लेकिन इनमें से अधिकांश को दस दिन तक भर्ती रहना पड़ रहा है। वहीं, चिकित्सकों को वायरस के म्यूटेंट होने की आशंका भी लग रही है। क्योंकि वायरल का मरीज आम तौर पर पांच से छह दिन में सही हो जाता है, लेकिन कई मामलों में जांच में डेंगू आ नहीं आ रहा है और बुखार जा नहीं रहा है। ऐसे में इसे लेकर चिकित्सक भी असमंजस की स्थिति में हैं। इससे भी भर्ती मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।

तापमान में भी उतार-चढ़ाव
वर्तमान में दिन तथा रात के तापमान में भी भारी अंतर आ रहा है। दिन में तेज गर्मी व रात को गुलाबी ठंड पडऩे लगी है। ऐसे में लोग दिन भर पसीने से तर रहते हैं, वहीं रात को तापमान में गिरावट से हल्की सर्दी से बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इस दौरान मरीजों में हाथ-पैर टूटन, बुखार, घबराहट, बेचैनी, उल्टी-दस्त आदि की समस्या अधिक दिखाई दे रही है। वहीं कई में रक्त की कमी भी दिखाई दी है। साथ ही लीवर एंजाइम में कमी दिखाई देने के साथ प्लेटलेट्स भी कम हो रही हैं।

टेबल...

यह है स्थितितिथि इनडोर7 अक्टूबर 7948 अक्टूबर 8089 अक्टूबर 85510 अक्टूबर 89911 अक्टूबर 92212 अक्टूबर 88813 अक्टूबर 920
इनका कहना है

जिला चिकित्सालय में क्षमता से तीन गुना मरीजों का भार है। इसके चलते इन दिनों 900 से अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं। वर्तमान में वायरल तथा डेंगू का मिक्सअप देखा जा रहा है। वारयस के म्यूटेंट होने की आशंका है। इस कारण डेंगू या सामान्य वायरल में भी दस दिन तक बुखार नहीं जा रहा है। प्लेटलेट्स गिरने के बाद भी कई मरीजों में डेंगू सामने नहीं आ रहा है। इस कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। स्टाफ की संख्या 300 बेड के मुताबिक ही है। नई घोषणा के मुताबिक 100 बेड के लिए स्टाफ की स्वीकृति नहीं मिली है। फिर भी इलाज दिया जा रहा है। - डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय, धौलपुर

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