सेंट्रल जेल अजमेर के बंदी भी अब वार्ड में घड़ी पर देख सकेंगे समय,रमजान माह में रोजेदार को सुविधा

रमजान माह में रोजेदार को समय देखने के लिए बीओबी ने दी पचास दीवार घडिय़ां, हिन्दू त्योहार पर पूजा-अर्चना करते समय हिन्दू बंदियों को घड़ी में समय देखने का मिलेगा लाभ

By: suresh bharti

Published: 20 Apr 2021, 11:46 PM IST

ajmer अजमेर. सेन्ट्रल जेल अजमेर के वार्डों में रोजेदार कैदी भी अब समय देखकर अपना रोजा खोलने के साथ नमाज पढ़ सकेंगे। वहीं हिन्दू बंदी अपनी पाठ पूजा समय के अनुसार कर सकेंगे। बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से जेल की बैरक में बंदियों के टाइम देखने की समस्या को ध्यान में रखते हुए मंगलवार दोपहर पचास दीवार घड़ी दी गई।
जेलर नरेन्द्र स्वामी ने बताया कि बीओबी क्षेत्रीय प्रमुख एस.के. बिरानी की पूर्व घोषणा के अनुसार बीओबी से आए अनुजा सिंधु, विकास शर्मा, पी.के. खन्ना ने जेल अधीक्षक प्रीति चौधरी को बंदियों की बैरक व वार्ड में लगाने के लिए 50 दीवार घड़ी दी।

बीओबी ने बंदियों का रखा ख्याल

जेल अधीक्षक प्रीति चौधरी ने बताया कि कारागार में बंदियों को समय देखने में समस्या होती थी, लेकिन बीओबी ने बंदियों की समस्या को ध्यान में रखते हुए घडिय़ा मुहैया करवाई। उन्होंने बताया कि रमजान में जेल की बैरक में रोजेदार को नमाज पढऩे व रोजा रखने व खोलने में समय की परेशानी होती थी। बंदी सुबह बार-बार वार्ड में पहेरे पर मौजूद प्रहरी से समय पूछते थे लेकिन अब प्रत्येक वार्ड में घड़ी मौजूद रहने से समय देखने में आसानी रहेगी। इससे बंदियों के समय का भी सदुपयोग हो सकेगा।

खोले थे 500 खाते

जेल अधीक्षकचौधरी ने बताया कि दंडित बंदियों के पारिश्रमिक भुगतान के लिए प्रदेश में पहली बार किसी जेल में बंदियों के 500 बैंक खाते खोले गए। उन बंदियों को बैंक पासबुक भी दी गई है। अब बंदियों के जेल में मिलने वाला पारिश्रमिक खातों में जमा हो सकेगा। उससे उनके परिजन भी खाते से पैसा निकासी कर सकेंगे।

suresh bharti Desk
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