Weather change: टपका-टपकी, सूरज और बादलों में लुकाछिपी

हवा चलने से मौसम में ठंडक भी महसूस हुई।

By: raktim tiwari

Published: 23 Apr 2020, 09:41 AM IST

अजमेर.

जिले में गुरुवार सुबह भी मौसम बदला नजर आया। सुबह अजमेर सहित जिले में कई जगह टपका-टपकी हुई। बादलों और सूरज में लुकाछिपी चली। हवा चलने से मौसम में कुछ ठंडक भी रही।

देर रात बरसने वाले बादलों ने सुबह से आसमान पर डेरा डाले रखा। सुबह करीब 7.30 बजे बादलों ने वैशाशी नगर, पंचशील, माकड़वाली रोड, जयपुर रोड, मेयो लिंक रोड, आनासागर लिंक रोड, फायसागर क्षेत्र शास्त्री नगर और अन्य क्षेत्रों में टपका-टपकी की। इसी तरह जिले के गगवाना, घूघरा और आसपास के इलाकों में भी बूंदाबांदी हुई। हवा चलने से मौसम में ठंडक भी महसूस हुई। बादल और सूरज में लुकाछिपी होती रही।

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तपामान में उतार-चढ़ाव
अप्रेल के शुरुआत से तापमान में उतार-चढ़ाव कायम है। 1 से 15 अप्रेल तक तापमान 35 से 39 डिग्री तक पहुंच गया था। अप्रेल के दूसरे पखवाड़े में भी तापमान 37 डिग्री तक बना हुआ है। हालांकि बरसात और बादल छाने से यह 20 अप्रेल को नीचे लुढकऱ 32 डिग्री तक पहुंचा था। मालूम हो कि पिछले साल पांच अप्रेल को ही तापमान 42.2 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि 2018 में 39 से 40 डिग्री तक सीमित था।

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देश की इकोनॉमी में अहम योगदान है मारवाड़ी समुदाय का

अजमेर. पश्चिम बंगाल में टेलीविजन कार्यक्रम में तृणमूल कोंग्रेस के कार्यकर्ता का मारवाड़ी समुदाय पर टिप्पणी करने की राजस्थान में लोगों ने निंदा की है। मारवाड़ी समुदाय के काफी लोग कोलकाता में रहते हैं। उन्होंने कालाबाजारी में मारवाड़ी समुदाय का नाम घसीटने को निंदनीय बताया है। साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से तत्काल ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मारवाड़ी समुदाय किसी पहचान का मोहताज नही है। पश्चिम बंगाल में कई शताब्दी से व्यवसाय और विकास में उनका अहम योगदान है। ऐसी टिप्पणियों से किसी भी दल या कार्यकर्ता को परहेज करना चाहिए।
विकास बोथरा, इस्लामपुर पश्चिम बंगाल व्यवसायी

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मारवाड़ी समाज किसी पहचान का मोहताज नही है। मुम्बईए कोलकाताए चेन्नईए हैदराबादए बेंगलुरु जैसे शहरों में बड़ी मिलए कारखानेए उधोग लगाकर मारवाड़ी व्यापारियों ने रोजगार दिए हैं। देश की 60 प्रतिशत से ज्यादा अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। ऐसी टिप्पणी अशोभनीय है।
मोहित जैन छात्र नेता

मारवाड़ी व्यापारियों ने मेहनत कर देश मेअपनी पहचान बनाई है। देश की आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियों में उन्होंने अहम योगदान दिया है। कोलकाता में जिस भी कार्यकर्ता ने मारवाडी समाज ओर टिप्पणी की है वो निंदनीय है।
पदम कुमार जैन व्यवसायी

मारवाड़ी समाज किसी पहचान का मोहताज नही है। देश दुनिया मे कई वर्षों से अपने परिश्रम से उन्होंने विकास को बढ़ावा दिया है। पश्चिम बंगाल सरकार को ऐसे कार्यक्रमों और कार्यकर्ताओ परं प्रतिबन्ध लगाना चाहिए
अशोक बिंदल व्यसायी

raktim tiwari Reporting
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