Weather: बादलों की घेराबंदी, हवा चलने से राहत

बादल छितराए हुए हैं। लोगों को फिलहाल गर्मी महसूस नहीं हो रही।

By: raktim tiwari

Updated: 07 Sep 2020, 07:16 AM IST

अजमेर.

मौसम सोमवार सुबह से सामान्य है। बादलों ने आसमान में डेरा डाला है। सूरज भी तांक-झांक की कोशिश में है। हवा चलने और ठंडक के कारण लोगों को राहत महसूस हो रही है।

रविवार को शहर के आधे हिस्से में ताबड़तोड़ बरसात हुई थी। सोमवार को भी बादल छितराए हुए हैं। लोगों को फिलहाल गर्मी महसूस नहीं हो रही। हवा चलने से राहत है। अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 24 डिग्री दर्ज किया गया है।

भीगा था आधा शहर
रविवार शाम घनघोर घटाओं ने आधे शहर को भिगोया था। शाम 4.30 बजे वैशाली नगर, पंचशील, लोहागल रोड इलाके में पानी बरसा। इसके बाद शाम 5.15 बजे शास्त्री नगर, जयपुर रोड, गुलाबबाड़ी, नाका मदार फायसागर और आसपास के इलाकों में बरसात हुई। बाद में 6 बजे तक स्टेशन रोड, कचहरी रोड, तोपदड़ा और अन्य इलाकों में पानी बरसा। ब्यावर रोड, नाका मदार, चंदवरदायी नगर, रामगंज, अजय नगर, तारागढ़ इलाके में मामूली बूंदें टपकी।

यहां दो इंच, वहां शून्य
रामगंज स्थित मौसम विभाग के दफ्तर के निकट बरसात नहीं हुई। इससे विभाग के रिकॉर्ड में बरसात शून्य दर्ज हुई। वहीं सिंचाई विभाग के जयपुर रोड दफ्तर ने 46 एमएम बरसात रिकॉर्ड की। वैशाली नगर में एमपीएस स्कूल के सामने, शास्त्री नगर,सावित्री चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, पंचशील,जयपुर रोड और क्षेत्रों में पानी पूरे वेग से सड़कों पर उफन पड़ा था। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, सिविल लाइंस, टोडरमल मार्ग, बजरंगगढ़ चौराहा, आनासागर घाटी-लिंक रोड पर पानी बहता रहा। तोपदड़ा पुलिया के नीचे भी पानी भर गया था।

केवल इन बांधों-तालाबों में पानी
आनासागर-13, फायसागर-17.8, रामसर-5.2, शिवसागर न्यारा-5.2, पुष्कर-11.2, राजियावास-0.10, मकरेड़ा-9.7, गोविंदगढ़-0.40, अजगरा-0.6, ताज सरोवर अरनिया-7, मदन सरोवर धानवा-5.8, बिसून्दनी-2.10, नारायणसागर खारी-0.2, डेह सागर बड़ली-4.3, न्यू बरोल-2.5

अब गांव दिखेंगे स्मार्ट, इंजीनियरिंग कॉलेज करेगा ये काम

रक्तिम तिवारी/अजमेर. ग्रामीण विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज बड़लिया जल्द नई शुरुआत करेगा। कॉलेज निकटवर्ती पांच गांवों को कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य उपकरण देने के अलावा तकनीकी सहायता में मदद करेगा। कॉलेज ने इसकी योजना तैयार कर ली है।

वर्ष 1996-97 में स्थापित इंजीनियरिंग कॉलेज में आईटी, कंप्यूटर, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल और अन्य ब्रांच संचालित हैं। बीते 24 साल में हजारों विद्यार्थी यहां से बीई कर चुके हैं। कॉलेज कई साल से बड़ल्या और अन्य गांवों में कई कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। अब उसने सामाजिक उत्तरदायित्व का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है।

raktim tiwari Reporting
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