weather watch: रोज मंडराते बादल, जाने कहां खोया मानसून

पिछले पांच दिन में अजमेर में 25 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई हैं।

By: raktim tiwari

Published: 20 Jul 2020, 07:23 AM IST

अजमेर. जिले में मानसून की सुस्ती नहीं टूट रही है। सोमवार सुबह से बादल मंडरा रहे हैं। हवा चलने से कुछ राहत है। लेकिन बरसात का अता-पता नहीं है। अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 25.2 डिग्री दर्ज हुआ है।

सुबह से आसमान पर बादलों का जमघट लगा है। हवा चलने से लोगों को उमस कम सता रही है। मानसून कमजोर पड़ा है। पिछले एक सप्ताह से गर्मी और धूप से जुलाई में भी जून जैसी गर्माहट कायम है। लोगों को पंखे और कूलर भी कोई राहत नहीं दे रहे हैं। पिछले पांच दिन में अजमेर में 25 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई हैं। इसके बाद से इंद्रदेव रूठे हुए हैं।

नहीं टूट रही मानसून की सुस्ती
जुलाई बीतने को कहा है, लेकिन मानसून का राज्य और जिले में अता-पता नहीं है। गर्मी और तेज धूप सता रही है। तापमान 37 40 डिग्री के बीच कायम है। 1 जून से अब तक 95 मिलीमीटर ही बारिश हुई है। मालूम हो कि मानसून की चार महीने की अवधि में जिले की औसत बरसात 550 मिलीमीटर मानी जाती है।

बोली महिलाएं....नेताओं की लड़ाई में कहां है लोकतंत्र और युवा नेतृत्व

अजमेर. राज्य में पिछले 10 दिन से सियासी पारा चढ़ा हुआ है। शह और मात के खेल को जनता देख रही है। जनता ने विश्वास के साथ अपने जनप्रतिनिधि चुने लेकिन वह बंद कमरों में एकदूसरे को नीचा दिखाने में जुटे हैं। पक्ष और विपक्ष के सिर्फ एकमात्र मुद्दा सत्ता है। पत्रिका ने इस मुद्दे पर महिलाओं से बातचीत कर उनके विचार जाने।

लोकतंत्र पर मंडराया खतरा
पहले मध्यप्रदेश और अब राजस्थान में लोकतांत्रिक सरकार पर खतरा मंडराया है। पिछले दस दिन से राज्य में सियासी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। राजनीतिक बहस में सामाजिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मुद्दे पीछे छूट रहे हैं। स्थानीय विधायक नजरबंद हैं या किसी अन्य प्रदेश में हैं। अपनी सरकार के खिलाफ कदम उठाने वाले विधायकों को निश्चित तौर पर दंडित किया जाना चाहिए। ताकि लोकतंत्र में मतदाताओं की आस्था बरकरार रहे।

डॉ.पूनम पांडे, गृहिणी

raktim tiwari Reporting
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