पहाडग़ंज में विद्युत शवदाह गृह के लिए वर्कऑर्डर जल्द

61 लाख की आएगी लागत
स्मार्ट सिटी

By: bhupendra singh

Published: 18 Nov 2020, 10:06 PM IST

अजमेर.स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अजमेर में 61 लाख रूपए की लागत से विद्युत शवदाह गृह electrical crematorium का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत निविदाएं प्राप्त कर ली गई हैं और अनुमोदन की प्रक्रिया में हैं। जल्द ही विद्युत शवदाह गृह के कार्यादेश जारी Work order किए जाएंगे। जिला कलक्टर एवं अजमेर स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि पहाडग़ंजPaharganj स्थित श्मशान घाट पर विद्युत शवदाह गृह का निर्माण प्रस्तावित है। पहाडग़ंज श्मशाम घाट पर बनने वाले विद्युत शवदाह गृह में एक हॉल का निर्माण किया जाएगाए शवदाह गृह में विद्युत भट्टी एवं चिमनी लगाने के साथ ही सफ ाई की व्यवस्था की जाएगी।
पर्यावरण के लिए कारगर साबित होगा विद्युत शवदाह गृह

पर्यावरण को शुद्ध बनाए रखने के लिए विद्युत शवदाह गृह कारगर साबित होगा। दाह संस्कार के लिए पेड़ों की कटाई रोकने और पर्यावरण संरक्षण के लिए नवीन पहल होगी। सामान्य तौर पर एक दाह संस्कार में तीन वृक्षों की लकडियां जल जाती है। विद्युत शवदाह गृह से अंतिम संस्कार कराकर अनगिनत पेड़ों को कटने से बचाया जा सकता है। पेड़ पर्यावरण संरक्षण में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इन्हें संरक्षित करने के लिए विद्युत शवदाह का विकल्प अपनाना होगा। पारंपरिक पद्धति से दाह संस्कार में करीब तीन क्विंटल लकड़ी लगती है और वातावरण में कॉर्बन डाईऑक्साइड फैलता है। विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार के दौरान हवा प्रदूषित होने का खतरा काफ ी कम होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक विद्युत शवदाह गृह स्क्रबर टेक्नोलॉजी से लैस होता है, जो अंतिम संस्कार के दौरान निकलने वाली खतरनाक गैस और बॉडी के बर्न पार्टिकल को सोख लेता है। विद्युत शवदाह तुलनात्मक रूप से कम खर्चीला होता है।
एडीए में फिर कोरोना की दस्तक

एटीपी सेक्शन पर लगे ताले
अजमेर.अजमेर विकास प्राधिकरण में कोरोना ने एक बार फिर दस्तक दी है। इस बार प्राधिकरण के एटीपी सेक्शन के अधिकारी-कर्मचारी इसकी चपेट में आए हैं। बुधवार को इस शाखा के कमरों के दरवाजों पर ताले लटके रहे। प्राधिकरण जल्द ही अपने कर्मचारियों की कोरोना जांच करवाएगा। भवन को सेनेटाइज करवाया जाएगा। प्राधिकरण सचिव पहले ही बीमार चल रहे हैं। इसके चलते उपायुक्त (उत्तर) अशोक चौधरी ही कार्यवाहक एडीए सचिव के रूप में कार्य कर रहे हैं। प्राधिकरण में पूर्व में कनिष्ठ अभियंता अन्य शाओं के कार्मिक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।

एडीए दफ्तर में सन्नाटा

चार दिन के अवकाश के बाद खुल प्राधिकरण दफ्तर में बुधवार को सन्नाटा नजर आया। कई अधिकारी व अभियंता अभी छुट्टियों से वापस ही नहीं लौटे हैं। वहीं सप्ताह का पहला दिन दीवाली की रामाश्याम में ही बीता।

read more:तीन अभियंताओंऔर तीन हेल्परों के खिलाफ दर्ज होगी एफ आईआर

bhupendra singh Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned