बच्चे को कितना दूध पिलाएं, जानिए एक ट्रिक

डॉ. उज़्मा फिरदोस ने बताया कि यदि बच्चा दिन में छह से आठ बार मूत्र करता है, तो इससे ज्ञात होता है कि बच्चे को मिलने वाले दूध की मात्रा ठीक है।

By: धीरेंद्र यादव

Published: 18 Aug 2017, 08:49 AM IST

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग द्वारा ‘‘स्तनपान सप्ताह’’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए बाल रोग विभाग की अध्यक्षा प्रो. फरजाना के बेग ने शिशु को माँ का दूध पिलाने के लाभ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माँ की दूध पीने से दस्त एवं निमोनिया जैसे रोगों से बच्चों की सुरक्षा होती है। दस्त एवं निमोनिया बच्चों की मौत के बड़े कारणों में से हैं। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि बच्चे कितना दूध पिया है, इसे मूत्र की मात्रा से पता लगाया जा सकता है।

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जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराएं
स्त्री रोग एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्षा प्रो. सीमा हकीम ने कहा कि बच्चों को माँ का दूध पिलाये जाने के लाभ से सम्बन्धित जच्चा स्त्रियों को जानकारी उपलब्ध कराना समय की महती आवश्यकता है। बाल रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. एस मनाजिर अली ने बताया कि जन्म से एक घण्टे के अन्दर बच्चे को माँ का दूध पिलाना शुरू कर देना चाहिये।

दर्द की दवा ले सकती हैं मां

बाल रोग विभाग की प्रो. जेबा जका उर रब ने कहा कि जो माताएं सर्जिकल पीड़ा में ग्रस्त हों, वो भी चिकित्सक के परामर्श पर बच्चे को स्तनपान कराती रहें। चिकित्सक उन्हें दर्द की दवा लिख सकते हैं। डॉ. उज़्मा फिरदोस ने कहा कि बच्चा कितनी बार मूत्र करता है इसके दृष्टिगत दूध की मात्रा का अन्दाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यदि बच्चा दिन में छह से आठ बार मूत्र करता है, तो इससे ज्ञात होता है कि बच्चे को मिलने वाले दूध की मात्रा ठीक है।

स्तनपन की प्रासंगिकता
इस अवसर पर डिप्टी मेडिकल सुप्रिंटेंडेंट प्रो. एम फखरूल हुदा भी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टाफ ने स्तनपान के प्रासंगिकता के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करने का संकल्प लिया।

गांव में डायबिटीज का इलाज
इस बीच अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसन विभाग द्वारा छात्रों की सामाजिक संस्था सोच बियोंड दा इमिजीनेशन के सहयोग से विश्वविद्यालय ने मिर्जापुर गांव को गोद लिया है। मिर्जापुर में डायबिटीज व उच्च रक्तचाप वाले मरीजों के लिए निशुल्क स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को इन बीमारियों के प्रति जागरूक किया गया। कम्युनिटी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष प्रो. अली अमीर ने स्कूली बच्चों एवं किशोरों में बढ़ रहे उच्च रक्तचाप व मधुमेह के मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विभाग का प्रयास है कि स्कूल स्तर पर इन रोगों की स्क्रीनिंग की जाए और लोगों को भी जागरूक बनाया जाए। जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर सलीम मुहम्मद ने कहा कि जीवन शैली में बदलाव लाकर इन रोगों पर नियंत्रण पाया जा सकता हैं सोच संस्था के सचिव डॉक्टर दानिश सुहैल ने डायबिटीज के लक्षणों के बरे में बताया। उन्होंने कहा कि विश्व में लगभग पचास प्रतिशत लोग अपने ब्लड प्रेशर के बारे में अनभिज्ञ हैं।

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धीरेंद्र यादव
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