Facebook, twitter, Whatsapp से भी होती है कमाई

-मंगलायतन विश्वविद्यालय में ‘रोल ऑफ़ डिजिटल मीडिया इन ब्रांडिंग’ पर कार्यशाला

-ब्रांडिंग में डिजिटल मीडिया की भूमिका अहम: भारत भूषण
- हरीश वर्णवाल ने बताई ‘मीडिया की भाषा’ की ख़ूबियाँ

अलीगढ़। सोशल मीडिया और ऑनलाइन मार्केटिंग के क्षेत्र का विस्तार हुआ है। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प आदि से आप लाखों रुपए कमा सकते हैं। इन साइट्स के माध्यम से हर आम आदमी करोड़पति बन सकता है, यदि उसमें कंटेंट को प्रस्तुत करने की समझ हो। मंगलायतन विश्वविद्यालय में "रोल ऑफ़ डिजिटल मीडिया इन ब्रांडिंग’ विषय पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला में प्रमुख वक्ता प्रसार भारती (दूरदर्शन) के सलाहकार भारत भूषण ने यह बातें कहीं।

ब्रांडिंग की जरूरत
मंगलायतन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ़ बिजनेस मैनजमेंट व पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुई। संयोजक मैनेजमेंट विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव शर्मा ने कार्यशाला की रूप रेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि आज के युग में किसी भी क्षेत्र में ब्रांडिंग की बहुत आवश्यकता है और इसमें डिजिटल मीडिया की भूमिका अहम है।

Harish

टीवी की भाषा विकलांग
कार्यशाला के प्रथम दिन दो सत्र हुए। पहले सत्र में वरिष्ठ पत्रकार हरीश चंद्र वर्णवाल ने मीडिया में अपने संघर्ष की कहानी और अपने अनुभव बांटे। उनकी अभी तक पांच कहानी प्रकाशित हुई हैं। उन्होंने "मीडिया की भाषा" पर प्रकाश डालते हुए उसका दैनिक जीवन में प्रभाव बताते हुए टीवी की भाषा और उसमें प्रयोग होने वाले शब्दों को समझाया। श्री वर्णवाल ने कहा कि मीडिया की भाषा हर किसी के लिए जरुरी है। उन्होंने समाचार चैनलों की टीआरपी का जिक्र करते हुए कहा कि इन चैनलों को लोग अधिक देखते हैं। अगर आप सोशल मीडिया का प्रयोग करते हैं, तो आप मीडियाकर्मी हैं। हेडलाइंस पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हेडलाइंस का भाव पकड़ना चाहिए । मीडिया की ख़बरें प्रत्येक व्यक्ति के लिए होती है। इसलिए उसकी भाषा का स्वरूप प्रासंगिक होना चाहिए। बेहतर प्रस्तुतीकरण के लिए सरल भाषा का प्रयोग होना चाहिए। शब्द व्यक्ति के निजी हिट के हिसाब से भी बदलते हैं। पुराने समय की तुलना में मीडिया की भाषा में बड़ा बदलाव आया है, उन्होंने कहा कि अब टीवी की भाषा विकलांग हो गई है।

डिजिटल मार्केटिंग
प्रसार भारती (दूरदर्शन) के सलाहकार भारत भूषण ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मीडिया में आइडिया, क्रिएटिविटी आपको सफल बना सकते हैं। उन्होंने मीडिया में आए बदलावों पर चर्चा करते हुए कहा कि अखबारों से शुरू हुआ ये सफर टीवी, वेबसाइट, ब्लॉग्स पर होते हुए अब सोशल मीडिया पर आ पहुंचा है। उन्होंने बताया कि डिजिटल मार्केटिंग में काफी सारे विषय आते हैं। डिजिटल मार्केटिंग का मतलब है प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को डिजिटल या इंटरनेट के माध्यम से मार्केट करना है। डिजिटल माध्यम या फिर कहें कि इंटरनेट अपने आप में काफी बड़ा माध्यम है। इसमें ईमेल, फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सअप, गूगल जैसे बहुत से माध्यम आ जाते हैं।

Students

ऐसे आयोजन होते रहें
कुलपति प्रो. केवीएसएम कृष्णा ने इस प्रकार के आयोजनों पर बल दिया। कार्यशाला की सह संयोजक पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की अध्यक्ष मनीषा उपाध्याय रहीं। समन्वयक डॉ. सौरभ कुमार व मयंक जैन रहे । प्रेक्षक डॉ. दिनेश पांडे रहे। संचालन अभिषेक कुशवाह ने किया। अभिषेक गुप्ता ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में डॉ. सिद्धार्थ जैन, डॉ. पूनम रानी, सोनी सिंह, लीना द्रुवा, दीक्षा यादव, डॉ. रंजना, डॉ. स्वाति अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार सतीश कुलश्रेष्ठ, विलास फाल्के, विकास वर्मा, जीतेन्द्र कुमार, विशाल उपाध्याय, रोहित शाक्य, तरुण शर्मा, नरेश कुमार व विद्यार्थी नेहा चौधरी, कृपा अरोड़ा, नेहा ठाकुर, पर्णिका विश्नोई आदि का सहयोग रहा। कार्यशाला के दौरान जॉइंट रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. अंकुर अग्रवाल, प्रो. आरके शर्मा, डॉ. शिव कुमार, आशीष जैन, दीपा अग्रवाल, डॉ आकांक्षा, डॉ मंजरी आदि मौजूद थे।

Show More
Bhanu Pratap
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned