आरटीआई के तहत 500 शब्दों से ज्यादा की सूचना न मांगें वर्ना...

आरटीआई के तहत 500 शब्दों से ज्यादा की सूचना न मांगें वर्ना...

suchita mishra | Publish: Apr, 17 2018 10:39:16 AM (IST) Aligarh, Uttar Pradesh, India

यूपी के राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने एक कार्यक्रम के दौरान सूचना के अधिकार से जुड़ी तमाम बातें बताई।

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान का कहना है कि पिछले चार सालों में डेढ़ लाख आरटीआई से संबंधित प्रार्थना पत्रों का निस्तारण हुआ है। उन्होंने बताया कि हर रोज हजारों की संख्या में प्रार्थना पत्र आ रहे हैं और यूपी में करीब 38 हजार आरटीआई से संबंधित प्रार्थना पत्र लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में सूचना का अधिकार मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि निस्तारण से ज्यादा एप्लीकेशन हर रोज़ आ जाती है। सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान अलीगढ़ में जामिया उर्दू के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

इस दौरान राज्य सूचना आयुक्त ने सर्किट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जब आम आदमी का काम नहीं होता है तभी वह आरटीआई से सूचना मांगता है। उन्होंने कहा कि लोग भ्रष्टाचार पर अंकुश चाहते हैं इसलिए सूचना के अधिकार कानून का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 30 दिन के अंदर अधिकारी को सूचना दे देनी चाहिए। इस संबंध में हाई कोर्ट का भी आदेश है कि सूचना 30 दिन के अंदर मिल जानी चाहिए। हाफिज उस्मान ने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत जो जानकारी मांगी जाती है, उसमें 500 से ज्यादा शब्दों में सूचना ना मांगे, नहीं तो इसे अस्वीकार कर दिया जाएगा। वहीं क्यों और कैसे शब्द का प्रयोग अगर सूचना मांगने में करते हैं तो प्रार्थना पत्र को अस्वीकार कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरटीआई नियम की जानकारी लोग लें और एप्लीकेशन सही ढंग से लिखें। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले अधिकारी का नाम, मोबाइल नम्बर व मिलने का समय और प्रथम अपीलीय अधिकारी का नाम कार्यालय के बाहर नेम प्लेट सहित लगा होना चाहिए।

वहीं आरटीआई संबंधित सूचनाओं के त्वरित निस्तारण के लिए अब राज्य सूचना आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात शुरू की है। लोगों को लखनऊ ना आना पड़े और कलेक्ट्रेट में लगे वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए बात सुनते हैं और प्रार्थना पत्र का निस्तारण करते हैं। इससे सूचना के अधिकार प्रार्थना पत्र के निस्तारण में तेजी आएगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। हाफिज उस्मान ने कहा की सूचना का अधिकार जनहित में ज्यादा से ज्यादा लोग प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतें ज्यादा हैं। पारदर्शिता के साथ काम नहीं हो रहा है। सड़क निर्माण व अस्पताल संबंधी शिकायतें ज्यादा रहती हैं, जिस पर आयोग समय से कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि करीब 38 हजार सूचना का अधिकार संबंधित प्रार्थना पत्र लंबित है। हफिज उस्मान ने कहा कि यह बहुत सस्ता, अच्छा और मजबूत कानून है इसलिए हर दिन एप्लीकेशन आती है। जितना हम निस्तारण करते हैं, उससे कहीं ज्यादा प्रार्थना पत्र आते हैं इसलिए लंबित प्रार्थन पत्र पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा सूचना के अधिकार का मकसद है कि लोगों का काम आसानी से हो।

 

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