150 साल पुराने जैन मंदिर का जल्द होगा जीर्णोद्धार

आचार्य नित्यसेन सूरीश्वर का नगर में मंगल प्रवेश,आचार्यश्री द्वारा मुहुर्त प्रदान करने के बाद मंदिर का उत्थापन शिलान्यास व जीर्णोद्धार होगा

आलीराजपुर. नगर का ऐतिहासिक जैन मंदिर करीब 150 साल पुराना हो चुका है। जैन श्री संघ के सभी सदस्यों की श्रद्धा, भक्ति व निष्ठा को देखकर ऐसा लगा कि पुण्य सम्राट जयंसेतन सूरीश्वर के आशीर्वाद से मंदिर का भव्यतम जीर्णोद्धार होगा। यह बात स्थानीय राजेंद्र उपाश्रय में गच्छाधिपति आचार्य नित्यसेन सूरीश्वर ने जैन समाजजन के बीच कही। उन्होंने कहा, परमात्मा ने हमें मनुष्य में जीवन दिया है तो अपना फर्ज व कर्तव्य पूरा करना अपना काम है। मंदिर जीर्णोद्धार के स्वत: ही संघ के भाव जागृत हुए है। जिस काम को पूर्ण करने के लिए समाजजन तत्पर हुए हैं, उसमें हमारा पूर्ण सहयोग है। गौरतलब है कि नगर के मध्य एमजी रोड पर स्थित 150 साल पुराने जैन मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। आचार्यश्री द्वारा मुहुर्त प्रदान करने के बाद मंदिर का उत्थापन शिलान्यास व जीर्णोद्धार की प्रक्र्रिया शुरू होगी।
धर्म को समझेंगे तो ही सही की प्राप्ति होगी
व्याख्यान के दौरान आचार्यश्री ने कहा, अहिंसा, संयम व तप जिसके जीवन में है, उसे देवता भी नमस्कार करते हंै। मनुष्य ने जीवन में नवकार मंत्र नहीं सीखा तो कुछ नहीं सीखा। नवकार मंत्र आने के बाद व्यक्ति को किसी की आवश्यकता नहीं रहती है। भगवान महावीर का शासन मिला है, तो जीवन में हर समय श्रेष्ठ कार्य करें। आचार्य स्वयंभव सूरि का वृतांत सुनाते हुए कहा, तत्व को समझने का प्रयास करो। हमें भी कुछ प्राप्त हो जाए, ऐसी भावना लेकर आज हर व्यक्ति काम में लगा है। हम धर्म को समझेंगे तो ही सही की प्राप्ति होगी। मुनि विद्वतरत्न विजयजी ने कहा, जीवन को भटकने से रोकना है, तो देव गुरु और धर्म की शरण में जाएं। परमात्मा के दर्शन व पूजन करें। जिन शासन मोक्ष दिलाता है। पुण्य के उदय से ही मंदिर बनाने के भाव आते हैं और भाव संस्कार व पुण्य के बिना पैदा नहीं होते, इसलिए भावों की प्रबलता रखें।
मंगल प्रवेश पर हुई जगह-जगह गहुली
बुधवार सुबह 8.30 बजे दाहोद नाके से आचार्य श्री का नगर में मंगल प्रवेश हुआ। यहां आचार्य श्री की अगवानी करने जैन श्रीसंघ बैंड बाजों के साथ पहुंचा था। प्रथम गहुली करने के बाद चल समारोह शुरू हुआ, जो नगर के प्रमुख मार्ग रामेदव मंदिर तिराहा, पोस्ट ऑफिस, एमजी रोड होता हुआ जैन मंदिर पहुंचा। यहां आचार्य नित्यसेन सूरीश्वर, मुनि विद्वत्वरत्न विजय, तारक रत्न विजय और निर्भय रत्न विजय ने मंदिर में दर्शन वंदन किया। इसके बाद राजेंद्र उपाश्रय में व्याख्यान आयोजित हुआ।

राजेश मिश्रा
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