३१ बसों से गुजरात सीमा पर आए मजदूर

प्रशासन के अधिकारी एवं सांसद प्रतिनिधि नागरसिंह चौहान सुबह 4 बजे तक लगे रहे मजदूरों की व्यवस्था में

By: kashiram jatav

Published: 26 Apr 2020, 11:14 PM IST

आलीराजपुर. जिले के मजदूरों को गुजरात से लाने के लिए सांसद प्रतिनिधि एवं पूर्व विधायक नागरसिंह चौहान ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान एवं कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित संगठन के आला अधिकारियों से चर्चा के बाद मजदूरों को लाने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद शनिवार रात्रि को गुजरात से 31 बसों का काफिला चांदपुर सीमा पर पहुंचा।

यहां पर मजदूरो की स्क्रीनिंग करने के साथ उनके नाम पते नोट किए और उन्हें भोजन पैकेट उपलब्ध कराए। जिले के खामट, खारकुआ, भीमबयड़ा, भाणारावत सहित प्रदेश के जबलपुर, कटनी, सीधी एवं अन्य क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लोग अपने घर की ओर बस से रवाना हुए। इस दौरान पूर्व विधायक चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष किशोर शाह, कटठीवाड़ा जपं के पूर्व अध्यक्ष भूद भाई पचाया, जिपं सदस्य अमनसिंह भिंडे, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी हितेन्द्र शर्मा, मोंटू शाह सहित कलेक्टर सुरभि गुप्ता, एसपी विपुल श्रीवास्तव, एसडीएम विजय मंडलोई, एसडीओपी धीरज बब्बर, चांदपुर थाना प्रभारी बैस व अन्य मौजूद थे। इस दौरान बाहर जाने वालों को भोजन के साथ तरबूज भी वितरित किए। रात्रि 10 बजे से बसों का आना शुरू हुआ। इसके बाद आने वालों की स्क्रीनिंग की गई। जो देर रात 4 बजे तक चलती रही।
29 जिले के 740 श्रमिकों को लाया गया
कोरोना वायरस के मद्देनजर मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के गुजरात में फंसे बड़ी संख्या में श्रमिकों की घर वापसी हुई। मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर प्रदेश के 29 जिलों के 740 व्यक्तियों को मप्र लाने का कार्य हुआ। मप्र-गुजरात की सीमा पर स्थित ग्राम चांदपुर में चेक प्वाइंट पर सभी बसों के आने पर एक-एक व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। ततपश्चात सभी को अलग-अलग वाहनों के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। श्रमिकों की बॉर्डर चेकपोस्ट पर स्वास्थ्य जांच चिकित्सकों की टीम ने की। इसके बाद सभी श्रमिकों को अलग-अलग वाहनों में उनके गृह जिले में पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। सभी श्रमिकों को भोजन एवं संबंधित रूट की बस में बैठाकर उनके गतंव्य की ओर रवाना किया। उल्लेखनीय है कि शनिवार शाम को करीब 7 बजे से गुजरात की ओर से बसों के काफिले का आने का क्रम प्रारंभ हो गया था। गुजरात में फंसे मप्र के श्रमिकों को लेकर अलग-अलग बसे आई। सभी बसों में उक्त लोगों को सोशल डिस्टेन्स के साथ बैठाकर लाया गया था।

मजदूरों को घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था
उक्त बसों में श्रमिक अलीराजपुर, उमरिया, सीधी, झाबुआ, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, छिंदवाड़ा, भिंड, मुरैना, ग्वालियर,उज्जैन, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, रीवा, सतना, कटनी, शहडोल, सिंगरौली, सागर, सिवनी, राजगढ़ ,धार, मंदसौर, इंदौर,आगर मालवा, देवास, पन्ना जिले के सम्मिलित हैं। कलेक्टर गुप्ता एवं एसपी श्रीवास्तव ने पूरे समय उपस्थित रहकर गुजरात से आए श्रमिकों को मप्र में स्थित उनके घरों तक व्यवस्थित रूप से पहुंचाने की सारी व्यवस्थाओं को स्वयं उपस्थित होकर सुनिश्चित कराया।

kashiram jatav
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned